लाखों निवेशकों को करोड़पति बनाने वाले प्रशांत जैन ने एचडीएफसी फंड से दिया इस्तीफा 

मुंबई। देश के सबसे बड़े फंड मैनेजरों में शामिल प्रशांत जैन ने इस्तीफा दे दिया है। वह एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के मुख्य निवेश अधिकारी हैं। वे पिछले 19 साल से एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड का प्रबंधन कर रहे थे। उनके पास कुल 4.12 लाख करोड़ रुपये को मैनेज करने की जिम्मेदारी थी। उनके इस्तीफे के बाद कंपनी का शेयर 3 फीसदी टूट गया है। 

जैन के इस्तीफा के बाद चिराग सीतलवाड को इक्विटी का सीआईओ बनाया गया है। शोभित मेहरोत्रो का फिक्स्ड इनकम का सीआईओ बनाया गया है। दोनों एचडीएफसी के सीईओ नवनीत मुनोत को रिपोर्ट करेंगे। जैन ने आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद आईआईएम बंगलूर से एमबीए किया था। उन्होंने एसबीआई कैप से अपने करियर की शुरुआत की। 

जैन के प्रबंधन वाली सबसे पुरानी स्कीमों में एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड शामिल है। इसका असेट अंडर मैनेजमेंट 43,000 करोड़ रुपये ह। इसने फरवरी 1994 में लांच के बाद से सालाना 17.87 फीसदी का रिटर्न दिया है। एचडीएफसी फ्लैक्सी कैप फंड जनवरी 1995 में लांच हुआ था। तब से इसने सालाना 18 फीसदी का रिटर्न दिया है। एचडीएफसी टाप 100 अक्टूबर 1996 में लांच हुआ था। इसने सालाना 18 फीसदी का रिटर्न दिया है।

वैसे सितंबर 2020 में जैन के इस्तीफा की चर्चा शुरू हुई थी। लेकिन बाद में यह एक अफवाह निकली। कहा जा रहा है कि जैन एक निवेश फर्म बनाने की योनजा बना रहे हैं। उनका ट्रैक रिकार्ड नाता विवादों में भी रहा। 2015 के बाद से जैन की स्कीमों का रिटर्न घटने लगा था। सरकारी बैंकों में आक्रामक निवेश के उनके फैसले के बाद ऐसा हुआ। म्यूचुअल फंड में उन्होंने 31 साल बिताया है। उनका नाम दुनिया में सबसे लंबे समय तक फंड मैनैजर रह चुके लोगों में शामिल है। उन्होंने 1991 में करियर शुूर करने के बाद अपनी पहचान वेल्थ क्रिएटर के रूप में बनाई। उन्होंने अपने फैसलों पर हमेशा भरोसा किया है। कई बार उनके फैसले दूसरे फंड मैनेजर्स की सोच से अलग होते थे। उनका जोर हमेशा लंबे समय के निवेश के लिए होता था। 

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