रुपया लगातार आठवें दिन गिरा, अब तो 80 के पार पहुंच गया   

मुंबई- डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार गिरावट जारी है। घरेलू मुद्रा मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरकर 80 के स्तर तक पहुंच गई। हालांकि, आखिर में 6 पैसे सुधरकर 79.92 पर बंद हुई। मोदी सरकार के 8 साल के कार्यकाल में डॉलर के मुकाबले रुपया 36.12 फीसदी या 21.21 रुपये कमजोर हुआ है।  

नरेंद्र मोदी ने 26 मई, 2014 को जब पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, उस दिन रुपया 19 पैसे टूटकर 58.71 पर बंद हुआ था। 19 जुलाई, 2022 को यह 79.92 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। वहीं, 31 दिसंबर, 2014 से अब तक घरेलू मुद्रा में 26.19 फीसदी की गिरावट आई है।  

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि 31 दिसंबर, 2014 को एक डॉलर की कीमत 63.33 रुपये के बराबर थी, जबकि 11 जुलाई, 2022 को इसकी कीमत बढ़कर 79.41 रुपये पहुंच गई। इस दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 25.39 फीसदी या 16.08 रुपये कमजोर हुआ।  

उन्होंने बताया कि रूस-यूक्रेन युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक वित्तीय स्थितियों के सख्त होने जैसी वजहों से डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हो रहा है। इसके अलावा, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 2022-23 में अब तक घरेलू शेयर बाजार में करीब 14 अरब डॉलर की निकासी की है। इससे भी रुपये पर दबाव बढ़ रहा है। इस दौरान पाउंड, येन और यूरो जैसी मुद्रा भी डॉलर की तुलना में कमजोर हुई हैं। 

डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 29 जुलाई, 2022 को गिरकर 73.09 पर बंद हुआ। इससे बाद इसमें उतार-चढ़ाव जारी रहा।18 जुलाई, 2022 को यह दिन के कारोबार में गिरकर 80 के स्तर पर पहुंच गया। 19 जुलाई, 2022 को घरेलू मुद्रा और गिरकर दिन के कारोबार में 80.05 के अब तक के सबसे निचले स्तर तक पहुंच गई। 

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के विदेशी मुद्रा एवं सराफा विश्लेषक गौरांग सोमैया का कहना है कि विभिन्न वैश्विक हालातों और घरेलू बाजारों से लगातार पूंजी निकासी से रुपये पर निरंतर दबाव बना हुआ है। अगले सप्ताह जारी होने वाले फेडरल रिजर्व के नीतिगत बयान से पहले बाजार के प्रतिभागियों में सतर्कता का माहौल है। अल्पावधि में डॉलर के मुकाबले रुपया (हाजिर भाव) 79.79 से 80.20 के दायरे में रहेगा। 

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