मोदी सरकार की नीति से लोगों का बचा 5,300 करोड़ रुपये   

मुंबई- सरकार ने मंगलवार को संसद में कहा कि पिछले वित्त वर्ष में जन औषधि केंद्रों में 893.56 करोड़ रुपए की बिक्री हुई और लोगों को लगभग 5,300 करोड़ रुपए की बचत हुई। रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री भगवंत खुवा ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत 30 जून 2022 तक देश भर में लगभग 8,742 जनऔषधि केंद्र खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्रों में प्रतिदिन औसतन 4 से 5 लाख लोग आते हैं। मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 893.56 करोड़ रुपए की बिक्री की गई, जिससे ब्रांडेड दवाओं की कीमतों की तुलना में नागरिकों को लगभग 5,300 करोड़ रुपए की बचत हुई। 

उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सरकार कार्यान्वयन एजेंसी- भारतीय औषधि एवं चिकित्सा उपकरण ब्यूरो (पीएमबीआई) को वार्षिक अनुदान जारी करती है। उन्होंने कहा कि पीएनबीआई से मिली सूचना के अनुसार उसकी स्थापना के बाद से 30 जून 2022 तक प्रोत्साहन व अनुदान के रूप में 124.49 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। 

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