अब राजधानी, शताब्दी और दुरंतों में चाय-काफी पर नहीं लगेगा सेवा शुल्क  

मुंबई- राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और वंदे भारत जैसी ट्रेनों में अब चाय, पानी वाजिब रेट पर मिलेगा। इन ट्रेनों में अब चाय और पानी ऑर्डर करने पर 70 रुपए नहीं देने होंगे। हालांकि नाश्ता और खाना ऑर्डर करने पर सर्विस चार्ज देना होगा। इस संबंध में आईआरसीटीसी को लिखित निर्देश जारी किया गया है।  

वर्तमान में इन ट्रेनों में खाने-पीने की चीजों का ऑर्डर करने पर 50 रुपए अलग से सेवा शुल्क के रूप में वसूले जा रहे थे। रेलवे बोर्ड ने कहा कि वर्तमान नियम के मुताबिक अगर इन ट्रेनों में टिकट बुकिंग के दौरान कैटरिंग सर्विस का विकल्प नहीं चुना गया है और यात्रा के दौरान वह यात्री कुछ ऑर्डर करता है तो 50 रुपए सेवा शुल्क के रूप में वसूले जाते हैं।  

जो यात्री कैटरिंग सर्विस का चार्ज टिकट बुकिंग के समय ही दे देते हैं, उन्हें यात्रा के दौरान किसी तरह का चार्ज नहीं देना पड़ता है। रेलवे बोर्ड ने कहा कि सर्विस चार्ज को केवल चाय और पानी पर माफ किया गया है। टिकट बुकिंग के दौरान कैटरिंग सर्विस का लाभ नहीं लिया गया है तो ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर ऑर्डर करने पर 50 रुपए का सर्विस चार्ज अलग से लगेगा।  

जो यात्री टिकट बुकिंग के दौरान इस सेवा को लेंगे, वे इस चार्ज से बच जाएंगे। दोनों कैटिगरी के यात्रियों के लिए चाय और काफी का दाम बराबर होगा। रेलवे बोर्ड की तरफ से आईआरसीटीसी को जारी सर्कुलर में साफ-साफ कहा गया है कि राजधानी, दुरंतो, शताब्दी और वंदे भारत जैसी ट्रेनों में चाय, नाश्ता, लंच और डिनर के लिए सर्विस चार्ज अलग से लगता है। यह जीएसटी के साथ शामिल है। अगर कोई ट्रेन लेट चल रही है तो दोनों कैटिगरी के यात्रियों के लिए सभी तरह के खाने का शुल्क बराबर होगा। 

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई 28 जून को एक यात्री भोपाल शताब्दी में सफर कर रहा था और उसने ट्रेन में एक चाय ऑर्डर की थी। चाय की वास्तविक कीमत तो 20 रुपए थी लेकिन उस पर 50 रुपए का अतिरिक्त सर्विस चार्ज वसूला गया था। यात्री को चाय की कुल कीमत का ढाई गुना पैसा सर्विस चार्ज के तौर पर देना पड़ा।  

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