कैसे घटी एलआईसी की वैल्यूएशन, सरकार ने दी संसद में जानकारी  

मुंबई- सरकार ने एलआईसी की वैल्यूएशन घटाने के विपक्ष के आरोप का खंडन किया है। सरकार ने मंगलवार को इस बात से इनकार किया कि उसने केवल दो महीने में ही एलआईसी के मूल्यांकन को कम कर दिया है। वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।  

दरअसल, उच्च सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक सवाल किया था। उन्होंने पूछा, ‘‘क्या यह सच है कि सरकार ने केवल दो महीने में ही एलआईसी के मूल्यांकन को 14 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 6 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।’’ कराड ने इसके जवाब में कहा,‘‘जी नहीं।’’ 

उन्होंने कहा कि किसी सूचीबद्ध कंपनी का बाजार पूंजीकरण, बाजार में खरीद-फरोख्त किए गए शेयरों की कम मात्रा के आधार पर लगातार परिवर्तित होता रहता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई कारक होते हैं, जो खरीद-फरोख्त मूल्य को प्रभावित करते हैं। जैसे भू-राजनीतिक कारक, वैश्विक और राष्ट्रीय वृहत आर्थिक माहौल तथा किसी कंपनी की संभावनाओं के संबंध में बाजार के सहभागियों की अवधारणाएं। कराड ने कहा कि एक नई सूचीबद्ध कंपनी के लिए किसी स्टॉक विशेष के बाजार में निष्पादन का विश्लेषण, मध्यम से दीर्घकालिक आधार पर किए जाने की आवश्यकता होती है। 

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर मंगलवार को एलआईसी का बाजार पूंजीकरण 4,35,634 करोड़ रुपये रहा। एलआईसी के शेयर में कल गिरावट दर्ज हुई। यह बीएसई पर 1.09 फीसदी या 7.60 रुपये की गिरावट के साथ 688.75 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर का 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर 650 रुपये और अधिकतम स्तर 920 रुपये है।  

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