रोजाना उपयोग वाले सामान पर जीएसटी का फैसला सभी राज्यों का  

मुंबई- दही, पनीर, आटा और रोजाना के अन्य उपयोग वाले सामान पर लगाए गए 5 फीसदी जीएसटी की हो रही आलोचना पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने खुलकर जवाब दिया। उन्होंने 14 ट्वीट किया।  

इसमें कहा, जब जीएसटी काउंसिल में इसका फैसला लिया गया, तब सभी राज्य इससे सहमत थे। इन राज्यों में गैर भाजपाई राज्य भी थे। इसमें पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल भी थे। ये सभी राज्य 5 फीसदी जीएसटी पर सहमत थे। कई सारे ट्वीट करते हुए वित्तमंत्री ने कहा, अनाजों, दालों, आटा और दही के साथ लस्सी पर लगाए गए जीएसटी से कर के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी। 

दरअसल, संसद के मानसून सत्र में दो दिनों से 5 फीसदी जीएसटी को लेकर हंगामा हो रहा है। इसी के बाद निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को ट्वीट किया। कुल 14 ट्वीट में 14 सामान की सूची जारी की। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह पहली बार हो रहा है कि इन सामान पर जीएसटी लग रहा है? नहीं। कई राज्य जीएसटी से पहले भी इस पर कर ले रहे थे। पंजाब ने अकेले 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर अनाजों से लिया है। उत्तर प्रदेश ने 700 करोड़ रुपये लिया है। 

सीतारमण ने अपनी बातों को सही साबित करने के लिए 2017 से पहले पंजाब, केरल, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, आंध्र, प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों द्वारा चावल पर वैट से कमाई का उदाहरण दिया। हालांकि इसमें लस्सी, दाल और पनीर का उदाहरण नहीं था, जो हाल में जीएसटी में शामिल किया गया है। 2017 से पहले ब्रांडेड अनाजों, दालों और आटा पर 5 फीसदी वैट लगता था। 

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