खुदरा व्यापारी 25 किलो पैक में सामान लाकर खुला बेचे तो नहीं लगेगा   

मुंबई- पैकेटबंद और लेबल वाले अनाज, दाल एवं आटे जैसे खाद्य पदार्थ सोमवार से जीएसटी के दायरे में आ गए हैं। इनका 25 किलोग्राम से कम वजन वाला पैक खरीदने पर 5 फीसदी जीएसटी का भुगतान करना होगा। हालांकि, खुदरा व्यापारी अगर 25 किलोग्राम पैक में सामान लाकर उसे खुले में बेचता है तो उस पर जीएसटी नहीं लगेगा।  

वित्त मंत्रालय ने अनाज से लेकर दालों और दही से लेकर लस्सी तक खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाए जाने से जुड़े बार-बार पूछे जाने वाले सवालों (एफएक्यू) पर जारी स्पष्टीकरण में कहा है कि अनाज, दालें और आटे के एक-एक पैकेट जिनका वजन 25 किलोग्राम/लीटर से अधिक है, वे पहले से पैक एवं लेबल वाली वस्तुओं की श्रेणी में नहीं आएंगे। इसलिए इन पर जीएसटी नहीं लगेगा। 

एफएक्यू में उदाहरण देते हुए कहा गया है कि खुदरा बिक्री के लिए पैकेटबंद आटे के 25 किलोग्राम के पैकेट की आपूर्ति पर जीएसटी लगेगा। लेकिन, इस तरह का 30 किलोग्राम के पैकेट जीएसटी के दायरे से बाहर होगा। ‘एफएक्यू’ में कहा गया कि पांच प्रतिशत जीएसटी पहले से पैक उन्हीं वस्तुओं पर लगेगा जिनका वजन 25 किलोग्राम या इससे कम है।  

हालांकि, खुदरा व्यापारी 25 किलो पैक में सामान लाकर उसे खुले में बेचता है तो इस पर जीएसटी नहीं लगेगा। पिछले हफ्ते सरकार ने अधिसूचित किया था कि 18 जुलाई से बिना ब्रांड वाले और पैकेटबंद तथा लेबल वाले खाद्य पदार्थों पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। इससे पहले तक केवल ब्रांडेड सामान पर ही जीएसटी लगाया जाता था। 

यह भी बताया गया कि उस पैकेज पर जीएसटी लगेगा जिसमें कई खुदरा पैक होंगे। उसने उदाहरण दिया कि 50 किलो वाले चावल के पैकेज को पहले से पैक और लेबल वाला सामान नहीं माना जाएगा और इसपर जीएसटी नहीं लगेगा। 

उदाहरण के लिए, चावल, गेहूं जैसे अनाज, दालों और आटे पर पहले पांच प्रतिशत जीएसटी तब लगता था जब ये किसी ब्रांड के होते थे। अब 18 जुलाई से जो भी सामान पैकेटबंद है और जिसपर लेबल लगा है, उन पर जीएसटी लगेगा। इसके अलावा दही, लस्सी और मुरमुरे जैसी अन्य वस्तुएं यदि पहले से पैक और लेबल वाली होंगी, तो इनपर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा 

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