आने वाले समय में आपके जमा पर और ज्यादा मिल सकता है ब्याज 

मुंबई- देश में कर्ज की मांग तेजी से बढ़ रही है। साथ ही जमा और कर्ज की ब्याज दरों में काफी बड़ा अंतर भी दिख रहा है। ऐसी स्थिति में बैंकों को जमा पर ब्याज दर बढ़ाकर ग्राहकों को आकर्षित करना होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक रिपोर्ट में यह बात कही है।  

सामान्य बारिश और महंगाई के कम दबाव के कारण वृद्धि को अच्छा समर्थन मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों में सुधार के कारण कर्ज की मांग भी तेजी से बढ़ेगी। एक जुलाई को समाप्त पखवाड़े में बैंकों का जमा 9.77 फीसदी बढ़कर 169.61 लाख करोड़ रुपये रहा। जबकि इसी अवधि में कुल कर्ज 13.29 फीसदी बढ़कर 123.81 लाख करोड़ रुपये रहा। 2 जून, 2021 को समाप्त पखवाड़े में उधारी 109 लाख करोड़ और जमा 154 लाख करोड़ रुपये था। 

आरबीआई की एक दूसरी रिपोर्ट में कहा गया है कि विपरीत स्थितियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ेगी। भू-राजनीतिक हालातों का असर कई क्षेत्रों पर दिखाई दे रहा है और सुधार की राह में यह बाधक है। आरबीआई ने कहा कि जो संकेत दिखाई दे रहे हैं, उनके आधार पर वैश्विक मंदी के डर के बीच भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। कमोडिटी की कीमतें कम होती हैं तो ज्यादा महंगाई का बुरा दौर भी खत्म हो सकता है। खुदरा महंगाई अभी 7 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। 

आरबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को पीछे छोड़कर अमेरिका अब नंबर एक बन गया है। भारत में आने वाली रकम में अमेरिका से 20 फीसदी हिस्सा आ रहा है। कोरोना के कारण 2020-21 में खाड़ी देशों से भारत में आने वाले पैसों में 30 फीसदी की कमी दिख सकती है। क्योंकि भारत से बाहर जाने वालों की संख्या में कमी आई है। इसी दौरान अमेरिका, सिंगापुर और यूके महत्वपूर्ण साधन बनकर उभरे हैं। भारत में आने वाले पैसों में इन तीनों देश का हिस्सा 36 फीसदी है। यूएई से सबसे ज्यादा रकम केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में आती है। हालांकि केरल को पीछे छोड़कर महाराष्ट्र अब शीर्ष पर आ गया है। 

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