अब होटल में रुकना, दही, लस्सी और अन्य चीजें हो जाएंगी महंगी 

मुंबई- पिछले दिनों जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में होटल्स पर लगने वाले जीएसटी रेट में बदलाव का फैसला लिया गया था। बदला हुआ नियम 18 जुलाई से लागू हो रहा है। अगर आप 18 जुलाई या इसके बाद गर्मी छुट्टी की प्लानिंग कर रहे हैं तो बजट होटल के लिए भी 12 फीसदी ज्यादा चुकाना होगा।  

वर्तमान नियम के मुताबिक अगर किसी होटल का किराया 1000 रुपए से कम है तो उसपर जीएसटी नहीं लगता है। नए नियम के मुताबिक, 1000 रुपए से कम किराए वाले होटल्स पर भी 12 फीसदी का जीएसटी लागू कर दिया गया है।  

18 जुलाई से 7500 रुपए तक रोजाना किराए वाले होटल्स पर 12 फीसदी का जीएसटी लगेगा. अगर होटल रूम का किराया 7501 रुपए या इससे ज्यादा होगा तो जीएसटी की दर 18 फीसदी होगी। 1000 रुपए से कम किराए वाले होटल रूम पर जीएसटी लगाने से सैलानियों का बजट बढ़ जाएगा। बहुत छोटे होटल्स पर इसका असर नहीं होगा। नियम के मुताबिक, अगर किसी होटल का सालाना रेवेन्यू 20 लाख से कम है तो वह टैक्स के दायरे में नहीं आएगा। इन होटल्स पर बदले हुए नियम का कोई असर नहीं होगा। 

मान लीजिए कि आप दो रात के लिए किसी होटल रूम को बुक करते हैं। होटल के रूम का किराया 800 रुपए रोजाना है। इस तरह दो दिन का किराया 1600 रुपए हो जाता है। अभी तक आपको होटल किराए के रूप में केवल 1600 रुपए देने होंगे।18 जुलाई और उसके बाद से इस होटल रूम को बुक करने पर 12 फीसदी का जीएसटी अलग से लगेगा।  

होटल्स के अलावा हॉस्पिटल के रूम पर भी जीएसटी को लागू किया गया है। अगर किसी हॉस्पिटल के रूम का किराया 5000 रुपए रोजाना से ज्यादा है तो 5 परसेंट का जीएसटी लगेगा। हालांकि सरकार ने इस टैक्स से आईसीयू को राहत दी है और इसे जीएसटी के दायरे से बाहर रखा है 

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