खुदरा महंगाई फिर 7 फीसदी से ऊपर, आगे भी सताती रहेगी 

मुंबई- खुदरा महंगाई जून में मामूली घटने के बावजूद लगातार छठे महीने आरबीआई के संतोषजनक दायरे से ज्यादा रही। सरकार ने केंद्रीय बैंक को खुदरा महंगाई को दो फीसदी उतार-चढ़ाव के साथ 6 फीसदी पर रखने का लक्ष्य दिया है।  

महंगाई का बढ़ना और घटना उत्पादों की मांग और आपूर्ति पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वह ज्यादा चीजें खरीदेंगे। ज्यादा चीजें खरीदने से चीजों की मांग बढ़ेगी और इसके मुताबिक आपूर्ति नहीं होने पर इन चीजों की कीमत बढ़ेगी। 

इस तरह बाजार महंगाई की चपेट में आ जाता है। सीधे शब्दों में कहे तो बाजार में पैसों का अत्यधिक आना या चीजों की कमी महंगाई का कारण बनता है। वहीं अगर मांग कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 

एनएसओ के आंकड़ों के मुताबिक, जून में सब्जियों की महंगाई दर कम होकर 17.37 फीसदी रह गई। मई में यह दर 18.26 फीसदी रही थी। इस दौरान दालों की महंगाई में भी कमी आई है। हालांकि, अनाज की महंगाई दर बढ़कर 5.66 फीसदी पहुंच गई, जो मई में 5.33 फीसदी रही थी। 

ईंधन-बिजली की महंगाई दर 9.54 फीसदी से बढ़कर 10.39 फीसदी पहुंच गई। फलों की महंगाई भी बढ़कर 3.10 फीसदी पहुंच गई। मई में यह 2.33 फीसदी रही थी। 

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