सेवा शुल्क लेने वालों पर राज्यों के मुख्य सचिव और जिलाधिकारी करें कार्रवाई  

मुंबई- खाने के बिल पर सेवा शुल्क वसूलने वाले होटल एवं रेस्तरां पर अब सख्त कार्रवाई होगी। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीपीपीए) ने इस संबंध में राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर सेवा शुल्क पर नए दिशानिर्देशों को लेकर व्यापक तरीके से जागरुकता बढ़ाने को कहा है। साथ ही उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण के लिए जिला अधिकारियों को इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश देने को कहा है।  

एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि सीसीपीए इस संबंध में जल्द ही सभी जिलाधिकारियों को अलग से पत्र लिखकर उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत उनकी भूमिका के बारे में बताएगा। उन्होंने बताया कि सेवा शुल्क संबंधी दिशानिर्देश प्रवर्तन के लिए हैं। यह कोई ‘अनुरोध पत्र’ नहीं है, इसलिए उपभोक्ता आयोग भी नए निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। 

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने 4 जुलाई, 2022 को नए दिशानिर्देश जारी कर होटलों एवं रेस्तरां पर खाने के बिल में सेवा शुल्क जोड़ने पर रोक लगा दी थी। खाने के बिल पर सेवा शुल्क वसूलने की बढ़ती शिकायतों के बीच सीसीपीए ने यह फैसला लिया था। प्राधिकरण ने कहा था कि होटल और रेस्तरां खाने के बिल में खुद से सेवा शुल्क नहीं जोड़ सकते। सेवा शुल्क देना स्वैच्छिक होगा और ग्राहक की मर्जी पर निर्भर करेगा। ग्राहक इस तरह के किसी भी उल्लंघन की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। 

सीसीपीए ने मुख्य सचिवों को बताया कि सेवा शुल्क लगाने के संबंध में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर कई शिकायतें दर्ज की गई हैं। एक साल में ऐसी 300 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं, जबकि सिर्फ एक सप्ताह में 180 शिकायतें मिली हैं। 

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