उद्धव ठाकरे के साथ वापस आ सकते हैं बागी गुट शिंदे, आ रही है नरमी 

मुंबई- महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद एकनाथ शिंदे गुट उद्धव ठाकरे के प्रति नरमी बरतने लगा है। बीते दिनों बागी गुट के विधायकों के तेवर बदले हुए दिख रहे हैं। शिंदे गुट के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने कहा था कि वह नहीं चाहते थे कि उद्धव ठाकरे इस्तीफा दें। इसके बाद उन्होंने कहा था कि फ्लोर टेस्ट जीतने पर जश्न नहीं मनाएंगे।  

बागियों ने उद्धव ठाकरे के प्रति सम्मान की बात कही है लेकिन दोनों गुटों में सुलह के बीच संजय राउत आड़े आ रहे हैं जिन्हें बागी विधायक पसंद नहीं करते। शिंदे गुट ने तो संजय राउत को एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार का एजेंट तक करार दे दिया है। 

बुधवार को शिंदे टीम के विधायक संजय राठौड़ ने कहा कि जब भी मातोश्री (ठाकरे का निजी आवास) के दरवाजे खुलेंगे, वे (बागी विधायक) जरूर उद्धव ठाकरे के पास जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘अगर उद्धव ठाकरे को आज हमारी भूमिका पसंद नहीं है, तो हो सकता है कि एक दो महीने में हम उन्हें सही लगे। छह महीने में सही लगे। जब भी मातोश्री के दरवाजे खुलेंगे तो हम उद्धव ठाकरे के पास जरूर जाएंगे।’ 

इसी के बाद से चर्चा तेज हो गई है कि क्या शिवसेना के बागियों और उद्धव ठाकरे के बीच सुलह की कवायद चल रही है। शिंदे गुट के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने कहा, ‘उद्धव ठाकरे मुलाकात करेंगे तो हम मातोश्री जरूर जाएंगे लेकिन हम सीधे उद्धव से बात करेंगे। इस दौरान अपने आसपास के लोगों को बाहर रखना चाहिए।’ माना जा रहा है कि केसरकर का निशाना संजय राउत की तरफ है। 

इसके अलावा शिंदे गुट के एक और विधायक सुहास कांडे ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे बुलाते हैं तो वह चर्चा के लिए मातोश्री जरूर जाएंगे। हम चाहते हैं कि उद्धव साहब हमें बुलाएं और हम मातोश्री जाएं। उन्होंने कहा, ‘अगर उद्धव ठाकरे एकनाथ शिंदे को बुलाएंगे तो सब साथ में मातोश्री जाएंगे।’ 

इसी तरह के प्रयास ठाकरे गुट में भी जारी है। सूत्रों के अनुसार, पिछले दिनों मुंबई में ठाकरे की ओर से बुलाई सांसदों की बैठक में एक वरिष्ठ नेता ने पार्टी के हितों के लिए शिंदे के नेतृत्व वाले बागी समूह क साथ सुलह करने का सुझाव दिया था। हालांकि ठाकरे की प्रतिक्रिया अभी पता नहीं चल पाई है 

इस बीच उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को एक और झटका लगा है। पूर्व सांसद आनंदराव अडसुल ने पार्टी के नेता के रूप में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अडसुल ने पूर्व में अमरावती लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया था लेकिन 2019 में वह नवनीत राणा से हार गए थे।  

Leave a Reply

Your email address will not be published.