खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने में यूपी दूसरे नंबर पर, बिहार सातवें नंबर पर  

मुंबई- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) को लागू करने वाले राज्यों में ओडिशा शीर्ष पर है। इस मामले में उत्तर प्रदेश दूसरे और आंध्र प्रदेश तीसरे स्थान पर है। एनएफएसए के लिए राज्य रैंकिंग सूचकांक-2022 में इसका खुलासा हुआ है। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को ‘भारत में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा’ विषय पर आयोजित राज्यों के खाद्य मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान यह रिपोर्ट जारी की।  

रिपोर्ट के मुताबिक, ओडिशा 0.836 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर काबिज उत्तर प्रदेश के 0.797 अंक और आंध्र प्रदेश के 0.794 अंक हैं। एनएफएसए को सही तरीके से लागू करने के मामले में गुजरात चौथे, दादर-नगर हवेली व दमन दीव पांचवें, मध्य प्रदेश छठे, बिहार सातवें, कर्नाटक आठवें, तमिलनाडु नौवें और झारखंड 10वें स्थान पर है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा कानून को लागू करने में केरल को 11वां, तेलंगाना को 12वां, महाराष्ट्र को 13वां, पश्चिम बंगाल को 14वां और राजस्थान को 15वां स्थान मिला है। इस मामले में पंजाब 16वें, हरियाणा 17वें, दिल्ली 18वें, छत्तीसगढ़ 19वें और गोवा 20वें स्थान पर काबिज हैं। 

विशेष श्रेणी के राज्यों (पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी राज्यों और द्वीपीय राज्यों) में त्रिपुरा को पहला स्थान मिला है। हिमाचल प्रदेश दूसरे और सिक्कम तीसरे स्थान पर है। यह सूचकांक तीन स्तंभों पर टिका है। इसमें खाद्य सुरक्षा और पोषण के विभिन्न पहलुओं पर गौर किया जाता है। हर स्तंभ के मानक और उप-मानक हैं, जो इस आकलन का समर्थन करते हैं।  

रिपोर्ट में कहा गया है कि सूचकांक सिर्फ टीपीडीएस संचालन की दक्षता को दर्शाता है। यह किसी विशेष राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में भुखमरी या कुपोषण या दोनों के स्तर को नहीं दर्शाता है। मूल्यांकन निष्कर्षों से पता चला है कि अधिकांश राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग में अच्छा प्रदर्शन किया है। यह सुधारों को दर्शाता है। 

एनएफएसए को खाद्य कानून के रूप में भी जाना जाता है। इसके तहत केंद्र सरकार करीब 80 करोड़ लोगों को अत्यधिक सब्सिडी पर खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। एक व्यक्ति को हर महीने 1-3 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर पांच किलो खाद्यान्न मिलता है। 

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