आरबीआई ने टोकेनाइजेशन की समय सीमा अब 3 महीने और बढ़ाई  

मुंबई- टोकनाइजेशन की प्रक्रिया देशभर में लागू होने वाली है। कई बड़े प्रतिष्ठानों ने इसका पालन करना शुरू कर दिया है और अभी तक 19.5 करोड़ टोकन जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, केंद्रीय रिजर्व बैंक ने इसे एक बार फिर बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। 

दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों को कार्ड भुगतान के समय टोकन जारी करने की व्यवस्था लागू करने के लिए 30 जून, 2022 तक का समय दिया था। अब इसे एक बार फिर बढ़ाया गया है। इससे पहले, केंद्रीय बैंक ने इसके पहले इस मानक के अनुपालन की समयसीमा दो बार बढ़ाई थी। 

पहले भुगतान के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कार्ड का ब्योरा भुगतान प्रणाली एवं प्रतिष्ठान के पास सुरक्षित रख लिया जाता था ताकि भावी लेनदेन के समय इस ब्योरे का इस्तेमाल किया जा सके। लेकिन इससे कार्ड उपभोक्ताओं का ब्योरा असुरक्षित हाथों में जाने की आशंका रहती थी। इसी पर रोक लगाने के लिए आरबीआई ने कार्ड-ऑन-फाइल (सीओएफ) टोकन व्यवस्था लागू करने को कहा था। 

सूत्रों का कहना है कि अधिकतर बड़े कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों ने इस मानक को अपने यहां लागू कर दिया है और समूची प्रणाली काफी हद तक इसके लिए तैयार हो चुकी है। वहीं,कुछ प्रतिष्ठान इसे लागू करने की प्रक्रिया में हैं जबकि कुछ विदेशी कंपनियों ने अपने कारोबार के आकार को देखते हुए इन बदलावों को लागू करने में अधिक तेजी नहीं दिखाई है। 

आरबीआई ने पिछले साल सितंबर में कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों को क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड के ब्योरे अपने सर्वर पर सुरक्षित रखने से प्रतिबंधित कर दिया था। उसने कहा था कि इसकी जगह पर उन्हें सीओएफ टोकन जारी करना होगा। हालांकि कार्ड ब्योरे का टोकन ग्राहक की सहमति से अतिरिक्त सत्यापन के बाद किया जाएगा। 

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