ढाई महीने में भारत ने रूस से खरीदा 50 गुना ज्यादा तेल 

मुंबई- भारत ने पिछले ढाई महीने में रूस से 50 गुना ज्यादा कच्चे तेल का आयात किया है। इससे कच्चे तेलों के कुल आयात में रूस की हिस्सेदारी बढ़कर 10 फीसदी हो गई है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले भारत के आयातित तेल में रूस की हिस्सेदारी केवल 0.2 फीसदी हुआ करती थी। पर अब रूस शीर्ष 10 आपूर्तिक र्ताओं में शामिल हो गया है। उसका 40 फीसदी तेल देश की निजी कंपनियां जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज, नायरा एनर्जी आदि खरीदती हैं। 

पिछले महीने भारत को तेल देने के मामले में सऊदी अरब को पीछे छोड़ कर रूस दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया था। पहले स्थान पर इराक है। इस दौरान इसने सस्ते में भारत को तेल दिया। भारतीय रिफाइनरी ने मई में रूस से करीबन 2.5 करोड़ बैरल तेल खरीदा था। भारत विश्व में तेल आयात करने और खपत के मामले में अमेरिका और चीन के बाद तीसरा सबसे बड़ा देश है। 

तेल मंत्रालय ने पिछले महीने कहा था कि भारत की कुल खपत की तुलना में रूस से ऊर्जा खरीद बहुत कम है। इराक मई में भारत का शीर्ष आपूर्तिकर्ता बना रहा और सऊदी अरब तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता देश है। पूरी दुनिया में जब तेल की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर थीं, उस समय भारत ने सस्ते तेल के रूप में 30 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रूस से तेल खरीदा था। ऐसा इसलिए क्योंकि कई सारे देशों ने युद्ध के कारण रूस पर कारोबारी प्रतिबंध लगा दिए थे। 

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