खाने के तेल की कीमतों में 10-15 रुपये प्रति लीटर की आई कमी  

मुंबई- खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने बुधवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय दरों में नरमी और सरकार के समय पर दिए दखल से रिटेल मार्केट में खाने के तेल की कीमतें कम होने लगी हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस महीने की शुरुआत से देश भर में मूंगफली के तेल को छोड़कर, पैकेज्ड एडिबल ऑयल की औसत रिटेल कीमतों में थोड़ी कमी आई है और यह 150 से 190 रुपए प्रति किलोग्राम के बीच चल रही है। 

पांडे ने कहा, सरकार के समय पर हस्तक्षेप और ग्लोबल डेवलपमेंट के कारण खाने के तेलों की कीमतों में रुझान बहुत पॉजिटिव हैं। उन्होंने कहा कि न केवल खाने का तेल, खुदरा गेहूं और गेहूं के आटे की कीमतें भी स्थिर हैं। घरेलू कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए जो नियम बनाए गए वो उपयोगी रहे हैं। खाने के तेल के प्रमुख ब्रांडों ने MRP को चरणबद्ध तरीके से कम किया है। 

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, मूंगफली तेल (पैक) का एवरेज रिटेल प्राइस 21 जून को 188.14 रुपए प्रति किलोग्राम था, जबकि 1 जून को यह 186.43 रुपये प्रति किलोग्राम था। सरसों के तेल की कीमत 21 जून को मामूली घटकर 180.85 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो 1 जून को 183.68 रुपए प्रति किलो थी। वनस्पति की कीमत 165 रुपए प्रति किलो है। 

सोया तेल की कीमत 169.65 रुपए से मामूली घटकर 167.67 रुपए हो गई, जबकि सूरजमुखी की कीमत 193 रुपए प्रति किलो से थोड़ी कम 189.99 रुपये हो गई। पाम तेल का भाव 21 जून को घटकर 152.52 रुपए प्रति किलो पर आ गया, जो 1 जून को 156.4 रुपए प्रति किलो था। 

अडाणी विल्मर ने शनिवार को अपने खाने के तेलों की कीमतों में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की। फॉर्च्यून रिफाइंड सूरजमुखी तेल के 1-लीटर पैक की एमआरपी 220 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 210 रुपए कर दी गई है। फॉर्च्यून सोयाबीन और फॉर्च्यून कच्ची घानी (सरसों का तेल) 1-लीटर पैक की एमआरपी 205 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 195 रुपए कर दी गई है। 

दिल्ली-एनसीआर में मदर डेयरी ने पिछले हफ्ते कहा था कि उसने ग्लोबल मार्केट में कीमतों में नरमी के साथ अपने खाना पकाने के तेल की कीमतों में 15 रुपए प्रति लीटर तक की कमी की है। कंपनी अपने खाने के तेल को धारा ब्रांड के तहत बेचती है।  

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