अगले महीने से बढ़ सकता है हवाई किराया, हट सकती है किराए की सीमा 

मुंबई- एक बार फिर घरेलू हवाई किराया तय करने का अधिकार एयरलाइंस के हाथों में आ सकती है। माना जा रहा है कि इस महीने के आखिर तक सरकार हवाई किराये के प्राइस बैंड को आगे जारी रखने को लेकर आखिरी फैसला ले सकती है।  

दरअसल महंगे एटीएफ (ATF) से परेशान कई एयरलाइंस ने केंद्र सरकार से घरेलू हवाई किराये के लोअर लिमिट और अपर लिमिट के नियम को खत्म करने की मांग की है। कोरोना महामारी के चलते जब मार्च 2020 में लॉकडाउन लगा तो हवाई सफर पर रोक लगा दी गई थी।  

लॉकडाउन में छूट दिये जाने के बाद जब 25 मई, 2020 से घरेलू हवाई यात्रा की शुरुआत हुई तो सरकार ने हवाई किरायों पर बंदिशें लगाते हुए न्यूनतम और अधिकतम हवाई किराये की सीमा तय कर दी। जिससे एयरलाइंस हवाई यात्रियों से मनमाना किराया नहीं वसूल सकें. तो कम आपसी होड़ के चलते कम एयर फेयर रखने से एयरलाइंस को भी नुकसान ना हो। 

लेकिन बीते एक साल में हवाई ईंधन में 120 फीसदी का उछाल आया है. एयरलाइंस की 40 फीसदी लागत हवाई ईंधन पर खर्च होती है. जिसके बाद एयरलाइंस हवाई किराया बढ़ाना चाहती है लेकिन सरकार का प्राइस बैंड का नियम एयरलाइंस की राह में रोड़ा बन रहा है। एयरलाइंस चाहते हैं सरकार हवाई किराये के अपर बैंड को बढ़ाने की इजाजत दे, जिससे एयरलाइंस महंगे हवाई ईंधन से बढ़ रहे लागत को पूरा कर सकें। 

Leave a Reply

Your email address will not be published.