15 रुपये घटीं ब्रांडेड खाद्य तेलों की कीमतें, और सस्ता होने की उम्मीद 

मुंबई। ब्रांडेड खाद्य तेल कंपनियों ने सोया, पाम और सूरजमुखी तेलों की कीमतों में प्रति लीटर 15 रुपये तक की कमी की है। मई के अंत से तेलों की आपूर्ति में सुधार से यह कदम उठाया गया है। कंपनियों का कहना है कि मई की तुलना में जून में मांग बढ़ने और आपूर्ति ज्यादा होने की उम्मीद है। इससे आने वाले समय में कीमतों में थोड़ी और कमी हो सकती है। 

इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट सुधाकर राव देसाई ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दाम में नरमी आई है और इस वजह से यहां भी इसका असर देखा गया है। हम इसका फायदा ग्राहकों को दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो प्रीमियम ब्रांड हैं, वे इस कटौती का फायदा देने में कुछ समय लगा सकते हैं। 

तेल कंपनियों ने पाम तेल को 7 से 8 रुपये सस्ता किया है जबकि सूरजमुखी तेल में 10-15 रुपये तक की कमी की है। सोयाबीन के तेल का भाव 5 रुपये लीटर कम हुआ है। सभी तेलों का अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) भी कम कर दिया गया है।  

हालांकि नए एमआरपी वाला तेल अगले हफ्ते तक ही बाजार में पहुंच पाएगा। जेमिनी कंपनी ने भी सूरजमुखी तेल की कीमत 15 रुपये प्रति लीटर घटाकर 220 रुपये कर दी है। अगले हफ्ते यह 20 रुपये और घटाने की योजना बना रही है।  

देसाई के अनुसार, मई महीने में 10-11 लाख टन से ज्यादा तेल का आयात हुआ है। इसमें 6 लाख टन पाम तेल और 3 लाख टन सोया तेल है। जबकि बाकी अन्य तेल हैं। जून महीने में भी 9-10 लाख टन आयात रहने की उम्मीद है। इसमें सोया, पाम और सूरजमुखी के तेल शामिल हैं।  

जानकारों के मुताबिक, तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा असर खाद्य महंगाई पर पड़ेगा, जो इस समय काफी ज्यादा है। मई की महंगाई में खाने के तेल और फैट का योगदान 13.26 फीसदी से ज्यादा था, क्योंकि एक साल में इनके दाम तेजी से बढ़े थे। 

पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों के आयात शुल्क में भी कटौती की थी जिससे तेलों की कीमतों को कम करने में मदद मिली। उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सोया तेल की कीमत एक महीने में 170.27 से घटकर 168.57 रुपये और पाम तेल की कीमत 158.61 से घटकर 154.42 रुपये पर आ गई हैं। 

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