अब बिजली कंपनियों का चुनाव कर सकेंगे ग्राहक, मर्जी से बदल सकेंगे कंपनी 

मुंबई- ग्राहक दूरसंचार सेवा प्रदाताओं की तरह अब बिजली कंपनियों का भी चुनाव कर सकेंगे। यह संभव होगा बिजली (संशोधन) विधेयक-2021 से, जो जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पेश हो सकता है। बिजली मंत्री आरके सिंह ने कहा कि इस विधेयक में बिजली कंपनियों को चुनने का विकल्प उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इससे इन कंपनियों की मनमानी पर रोक लगेगी। 

उद्योग मंडल फिक्की के ‘इंडियन एनर्जी ट्रांसमिशन’ सम्मेलन-2022 में बिजली मंत्री ने कहा कि हर कोई (सभी मंत्रालय एवं संबंधित पक्ष) बिजली कानून में संशोधन चाहता है। इसमें प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए वितरण कारोबार को लाइसेंस मुक्त करने, हर आयोग में विधि से जुड़े व्यक्ति को सदस्य के रूप में शामिल करने, बिजली अपीलीय न्यायाधिकरण को मजबूत करने एवं ग्राहकों के अधिकारों-कर्तव्यों को निर्धारित करने का प्रावधान किया गया है। 

उन्होंने कहा कि बिजली के स्वच्छ स्रोत को बढ़ावा देने के लिए पवन ऊर्जा के मामले में अलग से नवीकरणीय खरीद बाध्यता (आरपीओ) होगी। इसके तहत बिजली वितरण कंपनियों और उत्पादकों से बिजली खरीदने वाले थोक खरीदारों को नवीकरणीय ऊर्जा का कुछ हिस्सा लेने की जरूरत होगी। आरपीओ नियमों को पूरा करने के लिए सीधे नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादकों से भी हरित ऊर्जा ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए और प्रोत्साहन देने का संकेत दिया। 

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