लिंक्डइन और यूएन वीमेन का एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रोजगार निर्माण के लिए अनुबंध   

मुंबई- विश्व के सबसे बड़े प्रोफेशनल नेटवर्क, लिंक्डइन ने यूएन वीमेन के साथ त्रिवर्षीय क्षेत्रीय साझेदारी में 3.88 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की है। गौरतलब है कि यूएन वीमेन संयुक्त राष्ट्र का संस्थान है जो लैंगिक समानता के प्रति समर्पित है और लिंक्डइन के इस निवेश का उद्देश्य महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को बल प्रदान करना है।  

इस प्रोजेक्ट द्वारा महाराष्ट्र में एक प्रायोगिक पहल की जाएगी जिसके अंतर्गत 2,000 महिलाओं की डिजिटल, सॉफ्ट और रोजगारपरकता कौशल को निखारा जाएगा। साथ ही, उन्हें नौकरी मेला, मार्गदर्शन सत्रों और समकक्षों के नेटवर्क्स के माध्यम से आजीविका-निर्माण के विविध अवसरों से जोड़ा जाएगा। इस सहयोग से महिलाओं का डिजिटल कौशल उन्‍नत होगा और उनके लिए नौकरियों की सुलभता बढ़ेगी, जिससे वे औपचारिक अर्थव्यवस्था में पूरी तरह सहभागिता कर सकेंगी।  

भारी संख्या में महिलाओं के पास इन्टरनेट की सुलभता का अभाव है। एशिया में 41.3% महिलाओं की तुलना में 54.6% पुरुषों के पास इन्टरनेट है। यह 32% लैंगिक अंतर का निरूपण है। इसे देखते हुए एशिया-प्रशांत क्षेत्र में लिंग-उत्तरदायी टेक्नोलॉजी नीति निर्धारण पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस यूनियन (आईटीयू) के अनुसार एशिया में वर्ष 2013 से लेकर 2017 के बीच लैंगिक अंतर 17% से बढ़कर 24% हो गया।  

महिलाओं और लड़कियों को शिक्षा की वह सुलभता नहीं है जो पुरुषों और लड़कों को उपलब्ध है। इसके कारण महिलाओं और लड़कियों में डिजिटल कौशल, साक्षरता का स्तर कभी-कभी गिर जाता है और परिणामस्वरूप बढ़ते डिजिटल जगत में उनके सामने कम आर्थिक अवसर उपलब्ध रहते हैं। असल में, कोविड-19 के विषम प्रभाव ने विगत दो वर्षों में महिलाओं और लड़कियों के लिए अवसर के इस अंतर को और गहरा ही किया है। 

लिंक्डइन के इंडिया कंट्री मैनेजर, आशुतोष गुप्ता ने कहा कि, “जैसा कि ज्‍यादा से ज्‍यादा कंपनियाँ और प्रोफेशनल्स लैंगिक समानता वाले कार्यस्थलों के गुणकारी प्रभाव को स्वीकार करते हैं, हमारे सामने आज के डिजिटल युग में महिलाओं को अधिक नियोजनीय तथा उद्यमशील बनने में मदद करने के अद्वितीय अवसर मौजूद हैं।  

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