चिदंबरम के बनाए गए कानून में ही फंस गए कांग्रेस के नेता, जानिए ईडी का अधिकार  

मुंबई- राहुल गांधी की वजह से ED फिर सुर्खियों में है। दस साल पहले तक ED शायद ही कभी सुर्खियों में आती थी, लेकिन इन दिनों तो CBI से ज्यादा ED-ED का शोर है। 

ED विख्यात या यूं कहें कि कुख्यात हुई मनी लॉन्ड्रिंग कानून यानी PMLA लागू होने के बाद से है। मजेदार बात यह कि इस कानून को बनाया तो अटल सरकार ने 2002 में था, लेकिन इसे धार देकर 2005 में लागू किया मनमोहन सरकार के वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने। अब यही कानून कांग्रेसी नेताओं के लिए गले का फंदा बना हुआ है। 

आपको 2020 का वो किस्सा तो याद ही होगा, जब एक के बाद एक 8 राज्यों ने CBI को अपने इलाके में काम करने से रोक दिया था। इनमें पंजाब, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, केरल और मिजोरम जैसे राज्य शामिल थे। 

CBI को किसी भी राज्य में घुसने के लिए राज्य सरकार की अनुमति जरूरी है। हां, अगर जांच किसी अदालत के आदेश पर हो रही है तब CBI कहीं भी जा सकती है। पूछताछ और गिरफ्तारी भी कर सकती है। घोटाले के मामलों में अफसरों पर मुकदमा चलाने के लिए भी CBI को उनके डिपार्टमेंट से भी अनुमति लेनी होती है। 

PMLA की ताकत से लैस ED केंद्र सरकार की अकेली जांच एजेंसी है, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में नेताओं और अफसरों को तलब करने या उन पर मुकदमा चलाने के लिए सरकार की अनुमति की जरूरत नहीं है। ED छापा भी मार सकती है और प्रॉपर्टी भी जब्त कर सकती है।  

मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में जमानत की 2 सख्त शर्तें हैं। पहली-आरोपी जब भी जमानत के लिए अप्लाई करेगा तो कोर्ट को सरकारी वकील की दलीलें जरूर सुननी होंगी। इसके बाद कोर्ट अगर इस बात को लेकर संतुष्ट होगा कि जमानत मांगने वाला दोषी नहीं है और बाहर आने पर ऐसा कोई अपराध नहीं करेगा, तभी जमानत मिल सकती है।  

अब उन कांग्रेसी नेताओं को जानते हैं जो ED के लपेटे में हैं। इसमें ताजे मामले में नेशनल हेराल्ड में सोनिया और राहुल गांधी हैं। दिसंबर 2015 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने सोनिया, राहुल समेत सभी आरोपियों को जमानत दे दी। अब ED ने इसी मामले की जांच के लिए सोनिया और राहुल को समन जारी किया।  

ED ने 26 अगस्त को हरियाणा के पूर्व CM भूपिंदर सिंह हुड्डा और कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा के खिलाफ AJL मामले में चार्ज शीट दायर की थी। हुड्डा पर आरोप है कि उन्होंने 64.93 करोड़ रुपए का प्लॉट एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड यानी AJL को 69 लाख 39 हजार रुपये में दिया था। पंचकुला स्थित इस भूखंड को 2018 में ED ने कुर्क कर लिया था। AJL नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशन करता था। 

3 सितंबर 2019 को ED ने कांग्रेस नेता और कर्नाटक के पूर्व मंत्री डीके शिवकुमार को टैक्स चोरी और आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनसे 2 दिन तक पूछताछ हुई थी। INX मीडिया मामला भी इसका एक उदाहरण है।  

पी. चिदंबरम पर न केवल विदेशी निवेश के लिए INX मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड यानी FIPB से मंजूरी दिलाने में रिश्वत लेने का आरोप लगा बल्कि CBI ने उन्हें गिरफ्तार भी किया। ED ने चिदंबरम से पूछताछ भी की थी। इसी मामले में चिदंबरम के बेटे कार्ति भी गिरफ्तार हो चुके हैं। 

2007 में रॉबर्ट वाड्रा ने स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक कंपनी शुरू की थी। रॉबर्ट और उनकी मां मौरीन इसके डायरेक्टर थे। आरोप है कि इस कंपनी के नाम पर वाड्रा ने बीकानेर में कौड़ियों के भाव में जमीन खरीदी, फिर ऊंचे दाम पर बेच दी। ED ने मनी वाड्रा पर लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा से अब तक 11 से ज्यादा बार पूछताछ हो चुकी है। 

गुजरात के कारोबारी चेतन और नितिन संदेसरा के खिलाफ स्टर्लिंग बायोटेक बैंक धोखाधड़ी मामले में ED ने कांग्रेस नेता अहमद पटेल के बेटे फैसल और दामाद इरफान सिद्दीकी से पूछताछ की थी। 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत से फर्टिलाइजर घोटाले में ED ने 2021 में पूछताछ की थी। 2020 में ही ED ने अग्रसेन गहलोत के खिलाफ केस दर्ज किया था। ED ने कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला यानी CWG मामले में सुरेश कलमाडी के खिलाफ केस दर्ज किया था। 

Leave a Reply

Your email address will not be published.