जुलाई-सितंबर में नौकरियों को होगी भरमार, 8 साल में सबसे ज्यादा रोजगार 

नई दिल्ली। जुलाई-सितंबर तिमाही में देश में जमकर नौकरियां मिलेंगी। पिछले 8 वर्षों की तुलना में इस बार ज्यादा रोजगार लोगों को मिल सकते हैं। एक सर्वे में कहा गया है कि रिकवरी प्रक्रिया में आ रही तेजी और अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर को बनाए रखने के लिए 63 फीसदी कंपनियों को अतिरिक्त लोगों की जरूरत होगी, जिससे यह कंपनियां तेजी से भर्ती करेंगी।  

हालांकि इसी दौरान करीबन 12 फीसदी कंपनियां लोगों की छंटनी भी कर सकती हैं। 24 फीसदी कंपनियों में किसी तरह के बदलाव की संभावना नहीं है। यानी न तो वे कर्मचारियों को निकालेंगी और न ही नए लोगों की भर्ती करेंगी। मैनपावर ग्रुप एंप्लॉयमेंट आउटलुक सर्वे के अनुसार, तीसरी तिमाही में शुद्ध रोजगार का परिदृश्य 51 फीसदी रह सकता है जो 2014 के बाद सबसे ज्यादा है। रोजगार परिदृश्य का मतलब कर्मचारियों में उतनी बढ़ोतरी की संभावना से है। 

सर्वे में कहा गया है कि सबसे ज्यादा मांग डिजिटल की भूमिका में आनेवाली है। आईटी और टेक में सबसे अच्छा परिदृश्य है। इसके बाद बैंकिंग, फाइनेंस, बीमा और रियल एस्टेट में 60 फीसदी जबकि अन्य सेवाओं में 52 फीसदी बेहतर आउटलुक है। रेस्तरां और होटल में 48 फीसदी, विनिर्माण में 48 फीसदी बेहतर परिदृश्य है। 

मैनपावर ग्रुप एंप्लॉयमेंट के एमडी संदीप गुलाटी ने कहा कि बढ़ती महंगाई और वैश्विक स्तर पर बढ़ रही अस्थिरता के बाद भी देश के कई सेक्टर में रिकवरी प्रक्रिया में तेजी आ रही है। इस सर्वे में 3,000 कंपनियों को शामिल किया गया था। पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले सितंबर तिमाही में भर्ती सेंटिमेंट में 46 फीसदी अंकों का सुधार देखा गया है। अप्रैल-जून की तुलना में 13 फीसदी अंक की बढ़ोतरी हुई है। 

एशिया प्रशांत क्षेत्र में रोजगार का सबसे बेहतर माहौल भारत में है। इसके बाद दूसरे नंबर पर सिंगापुर और तीसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया है। सबसे खराब हालात ताइवान, जापान और हॉन्गकॉन्ग जैसे देशों की है। गुलाटी ने कहा कि डिजिटाइटेशन, ऑटोमेशन और टेक वाली सेवाओं की जरूरतें बढ़ रही हैं। इससे दुनिया भर में भारतीय आईटी पेशेवरों की मांग भी बढ़ रही है, जिस कारण भारतीय रोजगार बाजार में आईटी और टेक शीर्ष पर है। 

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