शिकायतों के निपटान में सुधार पर स्विगी और जोमैटो 15 दिन में बताएं योजना 

मुंबई- सरकार ने ऑनलाइन डिलीवरी करने वाले एप स्विगी, जोमैटो और अन्य से कहा है कि वे 15 दिनों में बताएं कि शिकायतों का निपटारा करने के लिए उन्होंने क्या सुधार किया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने इन कंपनियों के अधिकारियों को पिछले दिनों बुलाया था और अब उनको योजना बनाने को कहा है।  

यह बैठक इस क्षेत्र में ग्राहकों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी। उपभोक्ता मंत्रालय के सचिव रोहित सिंह ने कहा कि पिछले 12 महीने में स्विगी के खिलाफ 3,631 और जोमैटो के खिलाफ 2,828 शिकायतें राष्ट्रीय ग्राहक हेल्पलाइन पर मिली थीं। 

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने ई-कॉमर्स खाद्य कारोबार परिचालकों (एफबीओ) से कहा कि वे पारदर्शी तरीके ग्राहकों से लिए जाने वाले सभी शुल्कों को बताएं जिसमें डिलीवरी सुल्क, पैकेजिंग शुल्क, टैक्स, बढ़ती कीमतें और अन्य शामिल हों। इसने कहा कि वर्तमान ढांचे और साथ ही ग्राहकों की शिकायतों के सुधार संबंधी सभी जो भी तंत्र हैं, 15 दिन में इसका प्रस्ताव सौंप दें। 

इन सभी एप को कहा गया है कि जो भी वे ग्राहकों की समीक्षा करते हैं उन्हें व्यक्तिगत और पारदर्शी तरीके से बताएं। इसके साथ रेस्तरां जो भी भाव तय करते हैं और एप जिस भाव पर डिलीवरी कर रहे हैं, दोनों को बताना जरूरी होगा। यानी भाव और उसके वजन या पीस जो भी हो, उसका भी अंतर बताना होगा। 

स्विगी प्लेटफॉर्म पर कुल शिकायतों में से 22 फीसदी यानी 803 शिकायतें सेवा से संबंधित मिली थीं। उत्पादों की डिलीवरी के देरी से संबंधित 17 फीसदी और 13 फीसदी शिकायतें उत्पादों के खराब होने की मिली थीं। जोमैटो के प्लेटफॉर्म पर 25 फीसदी शिकायतें सेवाओं के संबंध में मिली थीं। 

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