क्रिप्टो की गिरावट का असर, अब कंपनियां कर्मचारियों को निकालने की तैयारी में

मुंबई- क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सोमवार को एक लाख करोड़ डॉलर की गिरावट आई। यह जनवरी, 2021 के बाद 16 महीने की बड़ी गिरावट है। इसके साथ ही क्रिप्टो बाजार का मूल्यांकन घटकर 926 अरब डॉलर के निचले स्तर पर आ गया। कॉइनमार्केटकैप के मुताबिक, वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार नवंबर, 2021 में बढ़कर 2.9 लाख करोड़ डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद से इसमें लगातार गिरावट देखने को मिली। 

बिटकॉइन 10 फीसदी से ज्यादा गिरकर 23,750 डॉलर पर आ गया है, जो इसका 18 महीने का निचला स्तर है। इस साल इसमें करीब 50 फीसदी की गिरावट आई है। बिटक्वाइन के साथ ही दुनिया की दूसरी सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी इथेरियम के निवेशकों को भी सोमवार के दिन भारी घाटा उठाना पड़ा है। इस डिजिटल करेंसी के दाम में 16 फीसदी की गिरावट सोमवार को आई। इसका भाव 19,093 रुपये तक टूट गया था।  

इस गिरावट के बाद इथेरियम की वैल्यू कम होकर 1,02,121 रुपये रह गई। इसके साथ ही इस कीमत पर इसका बाजार पूंजीकरण भी घटकर 12.6 ट्रिलियन रुपये पर पहुंच गया। सोमवार को क्रिप्टो बाजार में आई जोरदार गिरावट के बीच सिर्फ टेथर क्वाइन ही बढ़त में दिखाई दिया। इसकी कीमत में 0.96 फीसदी या 0.80 रुपये की कमी आई और इसका दाम बढ़कर 84.6 रुपये पर पहुंच गया।  

इसके अलावा बाजार में कारोबार करने वाली लगभग सभी क्रिप्टोकरेंसी लाल निशान पर कारोबार करती हुईं नजर आई। गिरावट की बात करें तो ज्यादातर क्रिप्टोकरेंसी में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। टॉप क्रिप्टोकरेंसी में शामिल बिनांस क्वाइन (बीएनबी) का दाम 12.49 फीसदी या 2,674 रुपये कम होकर 18,741 रुपये पर आ गया, जबकि कार्डानो में 11.41 फीसदी की कमी आई और यह फिसलकर 37.96 रुपये का रह गया।  

सोलाना का भाव 16 फीसदी टूटा, तो डॉजक्वाइन की कीमत में 17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा पोल्काडॉट के दाम में भी 13 फीसदी की कमी आई है। लाइटक्वाइन का भाव 14 फीसदी, तो वहीं शीबा इनु का भाव 12 फीसदी कम हो गया। 

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