अमेजन को 45 दिन में भरना होगा 200 करोड़ का जुर्माना 

मुंबई। भारतीय खुदरा बाजार में दबदबा बनाने में जुटी दिग्गज अमेरिकी कंपनी अमेजन को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने सोमवार को अमेजन की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश को चुनौती दी गई थी। साथ ही अपीलीय न्यायाधिकरण ने ई-कॉमर्स कंपनी को 45 दिन में 200 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। 

न्यायमूर्ति एम वेणुगोपाल और अशोक कुमार मिश्रा की एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने सीसीआई के आदेश पर मुहर लगाते हुए कहा कि अमेजन ने सौदा करते समय फ्यूचर रिटेल में निहित अपने स्वार्थ के बारे पूर्ण और सही जानकारी नहीं उपलब्ध कराई थी। इसलिए उसके फैसले को बरकरार रखा जाता है।  

सीसीआई ने पिछले साल दिसंबर में फ्यूचर कूपंस प्राइवेट लिमिटेड (एफसीपीएल) में 49 फीसदी हिस्सेदारी पाने के लिए अमेजन की ओर से किए गए सौदे को निलंबित कर दिया था। एफसीपीएल फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) की प्रवर्तक है। सीसीआई ने पिछले साल दिसंबर में अपना ही दो साल पुराना फैसला पलटते हुए अमेजन पर कुछ नियमों के उल्लंघन के लिए 200 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।  

सीसीआई ने दो साल पहले अमेजन को फ्यूचर कूपंस में हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में खुद ही इसे पलट दिया। उसका कहना था कि अमेजन ने गलत और झूठी जानकारी दी थी। इसके बाद अमेजन ने सीसीआई के आदेश के खिलाफ एनसीएलएटी में अपील की थी। 

अमेरिकी कंपनी इस मामले को अक्तूबर, 2022 में सिंगापुर मध्यस्थता केंद्र में लेकर गई थी। इसके बाद से दोनों कंपनियों के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है। अमेजन का कहना है कि एफआरएल ने रिलायंस समूह की कंपनी रिलायंस रिटेल के साथ 24,713 करोड़ रुपये के सौदे का करार किया है, जो 2019 में उसके साथ हुए निवेश समझौते का उल्लंघन है।  

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