एनसीआर में 1.81 लाख करोड़ रुपये के 2.4 लाख घर अटके 

मुंबई- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 18.1 लाख करोड़ रुपये के 2.4 लाख मकान अधूरे पड़े हैं। हालांकि इस साल जनवरी से लेकर अब तक दिल्ली और एनसीआर में 16,750 घर पूरे हुए हैं।  

दिसंबर, 2021 तक एनसीआर में 2,57,360 मकान फंसे थे जिनकी कीमत 1.94 लाख करोड़ रुपये थी। प्रॉपर्टी सलाहकार फर्म एनारॉक ने एक रिपोर्ट में कहा है कि दिल्ली और एनसीआर के खर खरीददार सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यहां पर बड़े बिल्डर जैसे जयपी इंफ्रा, यूनिटेक, आम्रपाली और 3 सी जैसी कंपनियों के प्रोजेक्ट रुके हुए हैं।   

देश के 7 प्रमुख शहरों में इस समय 4.8 लाख मकान या तो अटक गए हैं या इनके बनाने का समय निकल गया है। इनकी कुल कीमत 4.48 लाख करोड़ रुपये है। इस साल में अब तक बिल्डरों ने 37,000 मकान पूरा कर लिए हैं। इन शहरों में दिल्ली, एनसीआर, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बंगलूरू, हैदराबाद और पुणे हैं। 

एनारॉक ने बताया कि उसने बस उन प्रोजेक्ट को इसमें शामिल किया है, जो 2014 में या उसके पहले लॉन्च किए गए थे। हालांकि लागत बढ़ने के बाद भी बिल्डर लगातार प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य जारी रखे हैं।  कुल अटके प्रोजेक्ट में से 77 फीसदी मुंबई, दिल्ली और एनसीआर में हैं। बंगलूरू, चेन्नई और हैदराबाद में केवल 9 फीसदी हैं। 

पुणे में 9 और कोलकाता में 5 फीसदी प्रोजेक्ट फंसे हैं। मुंबई में जनवरी से मार्च के दौरान 5,300 घर पूरे किए गए जबकि 1.84 लाख करोड़ रुपये के घर फंसे हैं। बंगलूरू में 28 हजार करोड़ रुपये, हैदराबाद में 11,310 करोड़ रुपये, चेन्नई में 3,731 करोड़, पुणे में 27,533 करोड़ के और कोलकाता में 11,847 करोड़ रुपये के मकान फंसे हैं। 

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