एफडीआई के मामले में भारत शीर्ष 10 देशों में- संयुक्त राष्ट्र 

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के मामले में भारत शीर्ष 10 देशों में है। 2020 में 64 अरब डॉलर की तुलना में 2021 में हालांकि 19 अरब डॉलर की गिरावट जरूर आई, पर 45 अरब डॉलर के साथ यह अभी भी पसंदीदा बना हुआ है।  

अमेरिका, चीन, हांगकांग, सिंगापुर, कनाडा और ब्राजील के बाद भारत सातवें नंबर पर आता है। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका, रूस और मैक्सिको हैं। विश्व निवेश रिपोर्ट में कहा गया है कि एफडीआई में पिछले साल कोरोना के पहले के स्तर का सुधार देखा गया, और यह 1.6 लाख करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। चालू साल के बारे में अनुमान है कि यूक्रेन- रूस युद्ध, कमोडिटी की बढ़ती कीमतों और निवेशकों में अनिश्चितता की वजह से इस पर असर दिखेगा। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में जो डील हुई है, उसमें से सबसे ज्यादा 23 प्रोजेक्ट रिन्यूएबल क्षेत्र के रहे हैं। स्टील और सीमेंट प्लांट के बड़े प्रोजेक्ट में 13.5 अरब डॉलर की एफडीआई आई जो आर्सलर मित्तल निप्पोन का था। सुजुकी मोटर ने 2.4 अरब डॉलर का निवेश नई कार बनाने की सुविधा पर निवेश किया। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया खासकर भारत से बाहर जाने वाली एफडीआई में 43 फीसदी की बढ़त आई और यह 16 अरब डॉलर रही। चीन और भारत से बहुराष्ट्रीय उद्योगों का हिस्सा रूस के एफडीआई में एक फीसदी से भी कम रहा। केवल दक्षिण एशिया की एफडीआई में गिरावट आई है। इसमें 26 फीसदी की कमी आई और यह 52 अरब डॉलर 2021 में रहा जो 2020 में 71 अरब डॉलर था। 

रिपोर्ट के अनुसार, एशिया के विकासशील देशों में एफडीआई लगातार तीसरे साल बढ़ी है और यह अब तक के सर्वोच्च स्तर 619 अरब डॉलर पर पहुंच गई है। यह क्षेत्र एफडीआई पाने में दुनिया में सबसे आगे है जिसके पास 40 फीसदी हिस्सा है। 

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