अब 15 हजार रुपये के आटो डेबिट पर ओटीपी की जरूरत नहीं होगी 

मुंबई- भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक समीक्षा नीति की बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। इसमें रेपो रेट को बढ़ाकर 4.90 फीसदी कर दिया गया है। अब आपको 15 हजार रुपये तक के रिकरिंग ट्रांजेक्शन के लिए ओटीपी की जरूरत नहीं होगी। यह ऐसी ट्रांजेक्शन होती हैं, जो हर महीने होती हैं, जैसे इंश्योरेंस, फीस, मेंटेनेंस आदि। अभी तक इसके तहत सिर्फ 5000 रुपये तक के भुगतान पर ही ओटीपी की जरूरत नहीं होती थी। 

रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि लगातार इसे बढ़ाने का आग्रह किया जा रहा था, जिसके बाद यह फैसला लिया गया है। रिजर्व बैंक ने रिकरिंग भुगतान के लिए सबसे पहले अगस्त 2019 में नियम जारी किया था। उसके तहत ऑटो डेबिट ट्रांजेक्शन से कम से कम 24 घंटे पहले ग्राहक को पैसे कटने की सूचना देनी होती है, उसके बाद ही ट्रांजेक्शन हो सकती थी। 

यह नियम तो अभी भी रहेगा ही, बस भुगतान की सीमा 5000 रुपये से बढ़ाकर 15000 रुपये कर दी गई है। इससे फायदा ये होगा कि आपको 15 हजार रुपये तक के भुगतान के लिए ओटीपी नहीं डालना होगा। यानी अब इंश्योरेंस की ईएमआई, ट्यूशन फीस जैसे भुगतान ऑटोमेटिक तरीके से होते रहेंगे। 

Leave a Reply

Your email address will not be published.