चालू वित्तवर्ष में सरकार कोयला क्षेत्र से 75,2290 करोड़ रुपये जुटाएगी 

नई दिल्ली। चालू वित्तवर्ष में कोयला के क्षेत्र में संपत्तियों को बेचकर 75,220 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखी है। इसमें से कोयला ब्लॉक को बेचकर 52,200 करोड़ रुपये और खदानों के डेवलपर और ऑपरेटर के जरिये 20,320 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे।  

कोयला मंत्रालय 2022-23 के संपत्तियों के बेचने की योजना के तहत यह जानकारी दी। हालांकि यह आंकड़ा अनुमानित है। नीति आयोग ने इसके जरिए केवल 6,060 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था। 2021-22 में नीति आयोग ने 3,394 करोड़ रुपये कोयला क्षेत्र से जुटाने का अनुमान जताया था, जबकि साल के अंत में 40,090 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। इसमें से 28,986 करोड़ रुपये कोयला ब्लॉक से और 9,592 करोड़ रुपये माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर (एमडीओ) मॉडल से आए थे। 

इस साल के लिए कुल 39 कोयला ब्लॉक की पहचान की गई है। नीति आयोग के मुताबिक, इनका मूल्य 28,986 करोड़ रुपये है। नेशनल मॉनिटाइजेशन पाइपलाइन के मुताबिक, 160 कोल माइनिंग संपत्तियों का मूल्य 28,747 करोड़ रुपये है। इसे 2022-25 में बेचने की योजना है। इसमें से 17 प्रोजेक्ट एमडीओ मॉडल वाले हैं। इसी तरह से करीबन 761 मिनरल ब्लॉक की 2022-25 के दौरान नीलामी की जाएगी। 

मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने मंगलवार को कहा कि आयात पर अपनी निर्भरता घटाने के लिए भारत सहित कई अन्य देश कोयले का उत्पादन बढ़ाएंगे। केंद्र सरकार ने कोयले की किसी भी तरह की किल्लत से बचने के लिए आपात उपायों के तहत कोल इंडिया को पहले ही ईंधन का आयात करने के निर्देश दिए हैं।  

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