महंगाई के बाद भी सेवा क्षेत्र की गतिविधियां 11 साल के उच्च स्तर पर 

मुंबई- महंगाई में रिकॉर्ड तेजी के बाद भी भारत के सेवा क्षेत्र का परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) मई महीने में बढ़कर 58.9 पर पहुंच गया है। यह 11 साल का सर्वोच्च स्तर है। अप्रैल में यह 57.9 पर था। एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सर्विसेस पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स के मुताबिक, तेजी के बाद भी इस क्षेत्र पर बढ़ती लागत का दबाव देखने को मिला है।  

नए कारोबार में हालांकि बढ़ोतरी जरूर रही है, पर लगातार 10 वें महीने में बढ़ती उत्पादन लागत के बावजूद सबसे ज्यादा सेवा क्षेत्र में विकास दर रही है। इसमें अर्थव्यवस्था के फिर से खुलने का योगदान सर्वाधिक रहा है। 

एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की एसोसिएट निदेशक पोलियाना डीलीमा ने कहा कि मई, 2022 में व्यावसायिक गतिविधि सबसे तेज गति से बढ़ी है। यह जुलाई, 2011 के बाद से नए ऑर्डर में सबसे तेज उछाल होने के कारण संभव हुआ है। सर्वे में कहा गया है कि कोविड-19 के लॉकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था को फिर से खोलने के बाद मांग में सुधार हुआ है। 

सेवा क्षेत्र में भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान है। यह करीबन 50 फीसदी है। भारत में जितना विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) आता है, उसमें से ज्यादातर हिस्सा सेवा क्षेत्र को जाता है। साथ ही इस क्षेत्र में निर्यात भी ज्यादा होता है। किसी भी अर्थव्यवस्था में जब परचेजिंग मैनेजिंग इंडेक्स (पीएमआई) की दर 50 से नीचे होता है तो उसे गिरावट के रूप में माना जाता है। 

यह लगातार दसवां महीना है, जब सेवा क्षेत्र के लिए पीएमआई इंडेक्स 50 से ज्यादा रहा है। डीलीमा ने कहा कि अभी भी महंगाई एक गंभीर समस्या बनी हुई है। कंपनियों की लागत बढ़ गई है। इस वजह से उनके उत्पाद महंगे हो रहे हैं। इससे कंपनियों की कमाई पर असर होने की आशंका है। एसएंडपी ग्लोबल ने कहा कि महंगाई के दबाव से आर्थिक सुधार प्रभावित हो सकता है। जनवरी से मार्च तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर 4.1 फीसदी रही थी। 

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