होटलों के सेवा शुल्क पर लगेगी रोक, सरकार लाएगी कड़क नियम 

मुंबई- केंद्र सरकार ने रेस्टोरेंट से सेवा शुल्क वसूलने के मामले में कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। जल्द ही इस बारे में मजबूत ढांचा तैयार करने पर सहमति बनी है। इसके जरिये इस पर रोक लगाई जाएगी।  

उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा कि यह अनुचित प्रथा है। बृहस्पतिवार को रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा कि हमारे नजरिये से यह ग्राहकों के अधिकार को प्रभावित करता है। यह कारोबार का गलत रवैया है। उनके मुताबिक, 2017 में इस संबंध में जो दिशा निर्देश जारी हुए थे, वे लागू नहीं किए गए थे। 

इस बैठक में नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई), फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) और उपभोक्ता संगठनों के लोग शामिल हुए थे। इसमें मुंबई ग्राहक पंचायत और अन्य भी थे। बैठक में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर ग्राहकों की मिली शिकायतों का मुद्दा उठाया गया। इस संबंध में उन्होंने वर्तमान नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा। 

सचिव ने कहा कि इस नए ढांचे में रेस्टोरेंट के सेवा शुल्क को रोकने की पूरी बाध्यता होगी। आमतौर पर ग्राहक सेवा शुल्क और सेवा कर को लेकर भ्रम में रहते हैं। इसलिए वे इसका भुगतान कर देते हैं। हालांकि होटल संगठनों ने बैठक में कहा कि सेवा शुल्क लेना गैरकानूनी नहीं है। यह बिल में होता है और ग्राहक के ऊपर है कि वो दे या नहीं दे। एनआरएआई ने कहा कि 2016-17 में भी इस तरह का मामला सामने आया था और उन्होंने सरकार को जवाब दिया था। 

राष्ट्रीय हेल्पलाइन पर ग्राहकों की जो शिकायतें मिली हैं, उनमें यह बात निकलकर सामने आई है कि अगर वे सेवा शुल्क नहीं देते हैं तो इससे उन्हें शर्मिंदगी का अहसास होता है। क्योंकि होटल के बिल में इसे उनकी मंजूरी के बिना जोड़ा जाता है। उनका कहना है कि इस तरह के शुल्क वैकल्पिक और इच्छा पर होने चाहिए।   

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