एक महीने में तेल और दाल हुआ सस्ता, टमाटर और आलू ने बिगाड़ा खेल  

मुंबई- भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा महंगाई पर काबू पाने की कोशिशों का असर दालों और तेल पर दिखा है। लेकिन टमाटर और आलू की बढ़ती कीमतें इस पर पानी फेर सकती हैं।  

उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, एक महीने में ज्यादातर प्रमुख कमोडिटीज की कीमतें घट गई हैं, या फिर इनमें मामूली बढ़त रही है। हालांकि टमाटर इसी दौरान 31.64 रुपये प्रति किलो से बढक़र 52.32 रुपये किलो पर पहुंच गया है। यानी इसमें 70 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है।  

आलू का भाव 20.93 रुपये से बढक़र 24.12 रुपये किलो हो गया है। इसमें 17 फीसदी की बढ़त देखी गई है। आरबीआई ने 4 मई को रेपो दर में 0.40 फीसदी का इजाफा किया था और अनुमान है कि यह 8 जून को भी दरों को बढ़ा सकता है। 

13 मई को निर्यात पर प्रतिबंध लगाकर सरकार गेहूं की कीमतें कम करने की कोशिश की थी, लेकिन यह अभी भी महंगा होता जा रहा है। एक महीने पहले यह 28.75 रुपये किलो था, जो अब 29.57 रुपये पर पहुंच गया है। इसी दौरान आटा का भाव 29.29 रुपये किलो से बढक़र 33.44 रुपये हो गया है। मंूग दाल की कीमत 102.27 रुपये से मामूली बढक़र 102.8 रुपये प्रति किलो हो गई है। मसूर दाल 96.40 से 96.83 रुपये पर पहुंच गई है। 

उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक एक महीने में पाम तेल की कीमतें 157.69 रुपये लीटर से घटकर 155.94 रुपये हो गई हैं। जबकि सरसों के तेल का भाव 184.95 से घटकर 183.16 रुपये हो गया है। चाय की पत्ती 286.97 रुपये से कम होकर 284.21 रुपये पर आ गई हैं। प्याज का दाम 24.16 से गिर कर 23.81 रुपये पर आ गया है। नमक का भाव 19.48 से 19.49 रुपये हो गया है। यानी मामूली बढ़त इसमें रही है। 

उधर खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने कहा है कि दक्षिण भारत में टमाटर की कीमतें दो हफ्तों में स्थिर हो जाएंगी। देश में कुछ हिस्सों में टमाटर 50 से 100 रुपये किलो बिक रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में टमाटर का भाव स्थिर है और जिन हिस्सों में इसकी कीमतें बढ़ी हैं, वहां बारिश होने की वजह से फसलें प्रभावित हुई हैं। 

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