ग्रामीण इलाकों में एफएमसीजी कंपनियों की बिक्री को जोरदार झटका लगा 

मुंबई- खपत में कमी की वजह से जनवरी-मार्च में एफएमसीजी उद्योग की बिक्री में मात्रा के आधार पर गिरावट आई है। खाने-पीने की वस्तुओं और जरूर उत्पादों की कीमतें बढ़ने के कारण बिक्री घटी है। डाटा विश्लेषक फर्म नील्सनआईक्यू ने रिपोर्ट में कहा कि इस दौरान ग्रामीण इलाकों में रोजमर्रा इस्तेमाल के उत्पादों की बिक्री 5.3 फीसदी घट गई। यह पिछली तीन तिमाहियों में सबसे बड़ी गिरावट है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि खपत में गिरावट का रुझान सभी क्षेत्रों और कस्बों में देखने को मिला। लेकिन, ग्रामीण इलाकों में इसका असर सबसे ज्यादा रहा। इस दौरान ग्रामीण बाजारों में कीमतों में 11.9 फीसदी की बढ़ोतरी रही, जबकि शहरी इलाकों में यह आंकड़ा 8.8 फीसदी रहा। दक्षिण और उत्तरी क्षेत्र में बिक्री में पांच फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इस दौरान एफएमसीजी उद्योग की कमाई सालाना आधार पर 6 फीसदी बढ़ गई। इसकी प्रमुख वजह कीमतों में दो अंकों की बढ़ोतरी है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ती लागत के दबाव की वजह से जनवरी-मार्च के दौरान एफएमसीजी क्षेत्र की छोटी कंपनियां तेजी से बंद हुईं। ये कंपनियां लागत का भार उपभोक्ताओं पर नहीं डाल सकीं। इस दौरान गैर-रिफाइंड खाद्य तेल, वनस्पति और पैकेज्ड आटा की कीमतों में करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। नील्सनआईक्यू की कस्टमर सक्सेस लीड (इंडिया) सोलंकी गुप्ता ने कहा कि उपभोक्ता गैर-खाद्य श्रेणी पर पहले से ज्यादा खर्च कर रहे हैं।

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