अब सहकारी सोसाइटियां भी जीईएम पर जुड़ सकेंगी, सरकार की मंजूरी 

मुंबई- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सहकारिता समितियां को जेम (GeM) पोर्टल से जोड़ा जाएगा। कैबिनेट में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि सहकारिता समितियां में पारदर्शिता लाने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए उन्हें जेम पोर्टल से जोड़ा जाएगा। सहकारिता समितियां अपना माल जेम पोर्टल पर बेच सकेंगे। 

सहकारिता समितियां अपना माल जेम पोर्टल पर बेच सकेंगे। 2017-18 में सामान बेचने के लिए 86,835 लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था, जो बढ़कर 41 लाख के ऊपा निकल गए हैं। वहीं जेम पोर्टल अभी 54 लाख से ज्यादा प्रोडक्ट इसके जरिए बेचे जा रहे हैं। वहीं 2017-18 में जेम पोर्टल पर 3.72 लाख आए थे, जो बढकर 33 लाख के ज्यादा हो गए हैं। 

ई-पोर्टल जीईएम या गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस एक ऑनलाइन बाजार है जिससे कोई भी व्यक्ति घर बैठे जुड़ सकता और सरकार के साथ बिजनेस कर सकता है। रजिस्ट्रेशन के बाद सरकारी विभागों की डिमांड के हिसाब से सप्लाई करते हैं, जैसा किसी भी बाजार में होता है। ऐसा करने के लिए पहले मैन्युफैक्चरर्स से संपर्क करना होता है और फिर डिमांड आने पर वहां से सामान सप्लाई की जाती है।  

कोई भी जो सही उत्पादन कर रहा है और सरकारी की ओर से निर्धारित स्टैंडर्ड का सामान बना रहा है, वह जेम पोर्टल पर अपना माल बेच सकता है। जीईएम पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए सबसे पहले जेम की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर यूजर आईडी और पासवर्ड बनाना होता है। यूजर आईडी बनाने के लिए अपना आधार या पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी दर्ज करनी होती है।  

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