मई में जीएसटी संग्रह 1.41 लाख करोड़, सालाना आधार पर 44 फीसदी ज्यादा 

मुंबई- 2021-22 में जीडीपी की रिकॉर्ड वृद्धि के बाद मई महीने में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के जरिये सरकार को 140,885 करोड़ रुपये का टैक्स मिला है। एक साल पहले इसी महीने में मिले 97,821 करोड़ की तुलना में यह 44 फीसदी अधिक है। हालांकि अप्रैल, 2022 में अब तक के रिकॉर्ड 1.68 लाख करोड़ के मुकाबले यह संग्रह 16 फीसदी कम है।  

जीएसटी के इतिहास में यह चौथी बार है, जब 1.40 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का संग्रह मला है। इस टैक्स व्यवस्था को एक जुलाई, 2017 को लागू किया गया था। मई के संग्रह में आयातित सामानों से राजस्व में 43 फीसदी की बढ़त हुई है। 

जानकारों का मानना है कि जीएसटी के इस मजबूत संग्रह से सरकार को वित्तीय स्थितियों पर मदद मिलेगी और साथ ही महंगाई से लड़ने में भी यह काम करेगा। वैसे मई में संग्रह हमेशा अप्रैल की तुलना में कम रहता है। अप्रैल में कुल 7.4 करोड़ ई-वे बिल बने थे जो मार्च की तुलना में 4 फीसदी कम था। 

वित्तमंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक सीजीएसटी यानी केंद्रों का हिस्सा 25,036 करोड़ रुपये रहा, जबकि एसजीएसटी यानी राज्यों का हिस्सा 32,001 करोड़ रुपये रहा। आईजीएसटी के तहत 73,345 करोड़ रुपये मिले हैं। इसमें 37,469 करोड़ आयातित सामानों से और 10,502 करोड़ रुपये सेस से मिले हैं। केंद्र सरकार ने मंगलवार को ही सभी राज्यों का 31 मई तक का जीएसटी बकाया भुगतान कर दिया था। इसके तहत 86,912 करोड़ रुपये दिए गए। 

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