फायदा कमाने के मामले में देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी ओएनजीसी 

मुंबई- सरकारी कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) देश में सालाना फायदा कमाने के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद दूसरे नंबर की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। इसने 2020-21 में 40,306 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। एक साल पहले 11,246 करोड़ रुपये की तुलना में यह 2.58 गुना ज्यादा है।  

कंपनी ने कच्चे तेल को पिछले साल औसतन 42.78 डॉलर प्रति बैरल के भाव से उत्पादन करके बेचा था, जबकि इस साल 76.62 डॉलर प्रत बैरल पर उत्पादित करके बेचा है। कंपनी ने कहा कि उसे अब तक की यह सबसे अच्छी कीमत मिली है। 2021 के अंत में तेल की कीमतों में जोरदार उछाल आया और यह 14 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया। इसका लाभ कंपनी को मिला।  

2008 में कच्चा तेल जब 147 डॉलर प्रति बैरल था तब ओएनजीसी को पेट्रोलियम उत्पादों की खुदरा बिक्री करने वाली कंपनियों को सब्सिडी देनी पड़ती थी। इससे मिट्टी का तेल, डीजल, पेट्रोल, एलपीजी सस्ते दाम पर बिकता था। जिसकी वजह से उसकी आय कम हुई थी। हालांकि अब कंपनी को अंतरराष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से ही भुगतान हो रहा है। 

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 2021-22 में 67,845 करोड़ रुपये का फायदा कमाया था। उसके बाद टाटा स्टील ने 33,011 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। हालांकि इसकी अन्य कंपनियों को मिला दें तो मुनाफा 41,749 करोड़ रुपये हो जाता है। इस आधार पर यह तीसरी सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी है।  

हालांकि अब ओएनजीसी ने टाटा स्टील को पीछे छोड़ दिया है। टीसीएस 38,449 करोड़ रुपये के मुनाफे के साथ चौथे स्थान पर है। एसबीआई 31,676 करोड़ के साथ पांचवें स्थान पर है। ओएनजीसी को चौथी तिमाही में 8,859 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। एक साल पहले इसी अवधि में इसे 6,733 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था।  

कंपनी ने 3.5 रुपये हर शेयर पर लाभांश देने की घोषणा की है। वैसे ओएनजीसी की अन्य कंपनियों को मिला दें तो इसका साल का फायदा 49,294 करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले यह 21,360 करोड़ रुपये था। निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने पूरे साल के दौरान 36,961 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। यह एसबीआई से 5 हजार करोड़ के करीब ज्यादा है।  

ओएनजीसी एक समय में भारत की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी थी। लेकिन ईंधन पर सब्सिडी देने की वजह से इसका मुनाफा घटता गया। ओएनजीसी की आय 62 फीसदी बढ़कर 1.10 लाख करोड़ रुपये रहा है। इसकी अन्य कंपनियों को मिला दें तो कुल कारोबार 5.31 लाख करोड़ रुपये हो जाता है। 

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