सरकार के ओएनडीसी प्लेटफॉर्म से जुड़ेगी गूगल, छोटे व्यापारी को होगा फायदा 

मुंबई- अल्फाबेट की गूगल भारत सरकार से उसके ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ओएनडीसी से जुड़ने के लिए बात कर रही है। ओपन नेटवर्क फार डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) को पिछले महीने कुछ शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के लिए लॉन्च किया गया था और जल्द ही इसे पूरी तैयारी के साथ लाया जाएगा।  

गूगल खरीदी सेवाओं को इसके साथ जोड़ना चाहती है और सरकार के साथ बात कर रही है। इससे अमेरिका की अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों को भारत में बढ़ते ई-कॉमर्स बाजार में टक्कर मिल सकेगी। सरकार के  अनुमान के भारतीय ई-कॉमर्स उद्योग में सकल मर्चेंडाइज की कीमत 2021 में 55 अरब डॉलर थी, जो इस दशक के अंत तक 350 अरब डॉलर का हो जाएगा। 

ओएनडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टी कोशी ने कहा कि कई कंपनियों से बात हुई है और गूगल उनमें से एक है, जो जुड़ने के लिए तैयार है। गूगल के भुगतान का तरीका सरकार के वित्तीय लेनदेन की पहल से मिलता है। यह यूपीआई के जरिए भुगतान की सुविधा देती है। गूगल के प्रवक्ता ने कहा कि हम छोटे और मध्यम व्यापारियों को डिजिटल तरीके से सक्षम बनाना चाहते हैं, ताकि उनको फायदा मिल सके। 

ओएनडीसी कार्यक्रम के जरिये 3 करोड़ विक्रेताओं तक पहुंचने की योजना है। साथ ही एक करोड़ मर्चेंट्स और अगस्त के अंत तक 100 शहरों तक इसे ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। जानकारों का मानना है कि इस पहले से ओएनडीसी के लिए एक बड़ी संभावना तैयार होगी। इस प्लेटफॉर्म से आप केवल सामान ही नहीं, बल्कि खाना मंगा सकेंगे और टिकट बुक करने के साथ होटल और अन्य ऑन लाइन सेवा ले सकते हैं। 

दरअसल, इसका उद्देश्य छोटे व्यापारियों को अपने सामान या सेवा को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का है। उदाहरण के तौर पर किसी उत्पाद को समान कीमत पर एक व्यापारी अमेजन पर बेच रहा है जबकि दूसरा एक दुकान में बेचता है। पर अमेजन वाले को ज्यादा फायदा होता है क्योंकि उसका उत्पाद बहुत लोगों तक पहुंचता है। इसी तर्ज पर ओएनडीसी के जरिये छोटे व्यापारियों के उत्पादों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इससे उनकी लागत भी घटेगी और कारोबार ज्यादा होगा।   

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