डिस्कॉम 48 किस्तों में कर सकेंगे बकाया रकम का भुगतान 

मुंबई- सरकार बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को बकाया भुगतान के मामले में बड़ी राहत दे सकती है। इसके लिए एक नई योजना बनाई जा रही है। बिजली मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि प्रस्तावित योजना के तहत डिस्कॉम को 48 किस्तों में बिजली उत्पादन कंपनियों (जेनको) के बकाये का भुगतान करने की छूट मिल सकेगी।  

इसके साथ ही वे अगले 12 से 48 महीनों में इस कदम से देरी से भुगतान के कारण लगने वाले 19,833 करोड़ रुपये के अधिभार (सरचार्ज) की बचत का अनुमान है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रस्तावित योजना से डिस्कॉम किस्तों में बकाया भुगतान कर सकेंगी। इसके लिए उन्हें एक बार छूट देने पर विचार किया जा रहा है।  

योजना की अधिसूचना जारी होने की तारीख से बकाया राशि (मूलधन और एलपीएससी समेत) पर आगे देरी से भुगतान पर अधिभार नहीं लगेगा। किस्तों में भुगतान की अनुमति देने जैसी सुविधा से डिस्कॉम को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी। डिस्कॉम की बकाया भुगतान करने में असमर्थता से बिजली क्षेत्र की पूरी शृंखला प्रभावित हो रही है और जेनको के नकदी प्रवाह पर असर पड़ रहा है। बिजली उत्पादन कंपनियों को कोयले जैसे कच्चे माल और परिचालन खर्च के लिए पर्याप्त कार्यशील पूंजी की जरूरत होती है।   

बयान में कहा गया है कि फंसी रकम निश्चित मासिक भुगतान के रूप में मिलने से बिजली उत्पादन कंपनियों को राहत मिलेगी। हालांकि, डिस्कॉम अगर मासिक भुगतान में देरी करती हैं तो ऐसी स्थिति में पूरी बकाया राशि पर विलंब भुगतान अधिभार लगेगा।  

आंकड़ों के मुताबिक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र पर बिजली उत्पादन कंपनियों का सबसे ज्यादा बकाया है। प्रस्तावित योजना से दोनों राज्यों को 4500-4500 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिलेगी। उत्तर प्रदेश करीब 2,500 करोड़ रुपये बचा सकेगा। आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और तेलंगाना के 1,100 से 1,700 करोड़ रुपये बचेंगे। 

मंत्रालय के प्राप्ति पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, 18 मई, 2022 तक डिस्कॉम पर बकाया 1,00,018 करोड़ रुपये था। इसमें विवादित राशि और विलंब भुगतान अधिभार शामिल नहीं है। वहीं, विलंब भुगतान अधिभार (एलपीएससी) 6,839 करोड़ रुपये था। 

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