एलआईसी मार्केट कैप में अब छठें नंबर पर, शेयरों में भारी गिरावट जारी 

मुंबई- अब तक के सबसे बड़े आईपीओ एलआईसी (LIC IPO) ने निवेशकों को सिर्फ निराश किया है। हालांकि, लंबे वक्त में इसमें निवेश फायदेमंद रहने की बात विशेषज्ञ कह तो रहे हैं, लेकिन पता नहीं आने वाला वक्त कैसा होगा। करीब 8.11 फीसदी गिरकर डिस्काउंट के साथ 872 रुपये पर लिस्ट हुआ एलआईसी का शेयर अब तक करीब 13 फीसदी गिर चुका है और 823 रुपये पर आ गया है।  

हालांकि करीब एक हफ्ते बाद 30 मई को एक बार फिर से एलआईसी के शेयरों में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। दरअसल, 30 मई को कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजे आने वाले हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के निदेशक मंडल की इस माह के अंत में बैठक होने जा रही है। इसमें कंपनी के बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा की जाएगी।  

कंपनी ने कहा कि निदेशक मंडल की बैठक में चौथी तिमाही के एकल और एकीकृत वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा और उसे मंजूरी दी जाएगी। बैठक में डिविडेंड भुगतान पर भी विचार किया जा सकता है। वित्त वर्ष 2021 में एलआईसी का शुद्ध फायदा 2774 करोड़ रुपये रहा। वहीं अगर एलआईसी की प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को देखें तो एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को 1455.8 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ।  

एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस को 1360.90 करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस को 956.20 करोड़ रुपये रहा है। सेबी के अनुसार प्रीमियम के आधार पर देखा जाए तो अभी एलआईसी दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है। वहीं अगर असेट के आधार पर बात करें तो यह दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है। 

अगर भारत में एलआईसी के मार्केट की बात करें तो यह तेजी से गिरता जाता रहा है। 2013-14 में जहां कंपनी के पास 75.5 फीसदी मार्केट था, अब उसके पास 66.2 फीसदी बाजार बचा है। वैसे तो अभी भी यह भारत की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है, लेकिन पहले के मुकाबले बाजार हिस्सेदारी में गिरावट आई है। इस गिरावट की एक बड़ी वजह ये है कि पहले निजी इंश्योरेंस कंपनियों को भारत में बिजनस करने की इजाजत नहीं थी, जिसके चलते एलआईसी ने दशकों तक बाजार पर अपना कब्जा बनाए रखा, लेकिन अब निजी कंपनियों से मिल रही टक्कर के चलते एलआईसी का बाजार घट रहा है। 

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