जोमैटो का घाटा तीन गुना बढ़कर चौथी तिमाही में 360 करोड़  

नई दिल्ली। ऑनलाइन फुड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने कहा है कि चौथी तिमाही में उसका घाटा बढ़कर 360 करोड़ रुपये हो गया है। एक साल पहले यह 134 करोड़ रुपये से ज्यादा था। दरअसल, खर्च में वृद्धि से कंपनी का घाटा बढ़ गया है। इसका कुल राजस्व 1,211.8 करोड़ रुपये रहा है जो एक साल पहले 692.4 करोड़ रुपये था। 

कंपनी ने कहा कि कुल खर्च चौथी तिमाही में 1,701 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 885 करोड़ रुपये था। पूरे साल के दौरान इसका घाटा 1,222.5 करोड़ रुपये रहा है जो एक साल पहले 816 करोड़ रुपये था। राजस्व साल भर में 1,993 करोड़ से बढ़कर 4,192 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि गिग वर्कर यानी कभी कभार काम करनेवालों की काफी कमी है, जिससे डिलीवरी पर असर हो रहा है। 

कंपनी के सीईओ दिपींदर गोयल ने कहा कि हमारा सोचना है कि हमारी वृद्धि पटरी पर आ रही है और हम आगे अच्छा विकास करेंगे। उनके मुताबिक, जोमैटो का उद्देश्य विकास को बढ़ाना है और घाटे को कम करना है। साथ ही आने वाले समय में इसका फायदा बढ़ाने का लक्ष्य है। जोमैटो फिलहाल 10 मिनट की डिलीवरी का पायलट प्रोजेक्ट चला रही है। इसके तहत ग्राहकों को 10 मिनट में आर्डर मिल जाया करेगा। 

जोमैटो ने कहा, ‘हमने चौथी तिमाही में 300 नए शहरों में अपनी सर्विस लॉन्च की है। अब जोमैटो पूरे भारत में 1,000 कस्बों और शहरों में मौजूद हैं। पिछले छह महीनों में ब्लिंकिट की ग्रोथ अच्छी रही है, और इसके ऑपरेशनल लॉस में भी काफी कमी आई है। हम उनकी शॉर्ट टर्म कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए 150 मिलियन डॉलर का लोन देंगे।  

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