सरकार के फैसले से 15 फीसदी घट सकती हैं स्टील की कीमतें  

नई दिल्ली। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) का मानना है कि घरेलू बाजार में स्टील के उत्पादों की कीमतें 10 से 15 फीसदी तक घट सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार ने हाल में इसकी ड्यूटी में कई तरह की कटौती की है।  

स्टील की बढ़ती कीमतों को काबू में लाने के लिए सरकार ने कुछ कच्ची सामग्री के आयात पर शुल्क कम किया था। साथ ही लौह अयस्क के निर्यात पर शुल्क 50 फीसदी बढ़ा दिया गया था। ईईपीसी के चेयरमैन महेश देसाई ने कहा कि इस कदम से वैश्विक बाजारों में अधिक प्रतिस्पर्धी बनने में हमें मदद मिलेगी। 

रियल एस्टेट कंपनियों की संस्था क्रेडाई और नरेडको ने भी स्टील की कीमतों में कमी लाने के लिए सरकार की सराहना की है। इसने कहा है कि एक साल से स्टील और सीमेंट की कीमतों में तेजी आई थी, जिससे घरों को बनाने की कीमतें बढ़ गई थीं और इसका असर घर खरीदारों पर हो रहा था। 

सोमवार को टीएमटी छड़ों की कीमतें 52,000 रुपये टन पर आ गईं, जो पिछले हफ्ते 57,000 रुपये टन थीं। इसी तरह से कई अन्य उत्पादों की कीमतें भी 5,000 रुपये टन सस्ती हो गई हैं। उधर, आर्सलर मित्तल निप्पोन स्टील इंडिया का मानना है कि सरकार के कदम से हर महीने 90 हजार टन स्टील के निर्यात पर असर होगा। साथ ही नए निवेश भी रुक जाएंगे। 

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