देश में बड़ी कंपनियां ही तेजी से बढ़ रही हैं, छोटी हो रही हैं बंद  

मुंबई- देश का बिजनेस तेजी से बड़ी कंपनियों के बीच सिमट रहा है। दूसरी ओर मध्यम और छोटी कंपनियों के फिक्स्ड एसेट घट रहे हैं। 2021-22 की पहली छमाही में सूक्ष्म, लघु और मध्यम (MSME) श्रेणी की 1,467 कंपनियों के फिक्स्ड एसेट 1,547 करोड़ रुपए घटे हैं। इसी अवधि में 774 बड़ी कंपनियों ने फिक्स्ड एसेट्स में 21,605 करोड़ रुपए का निवेश किया। 

पहली छमाही में टॉप-10 कंपनियों का कॉर्पोरेट निवेश कुल कॉर्पोरेट निवेश से ज्यादा रहा। उन्होंने 24,786 करोड़ रुपए निवेश किए। 35 अन्य कंपनियां ऐसी हैं, जिनमें हर कंपनी ने 100 करोड़ रुपए से अधिक रकम निवेश की है। यह जानकारी बैंक ऑफ बड़ौदा की ताजा रिपोर्ट से सामने आई है। 

यह रिपोर्ट बैंक की अर्थशास्त्री दीपान्विता मजूमदार ने तैयार की है। इसके मुताबिक 33 में से 18 उद्योगों ने एसेट में निवेश बढ़ाया है। इनकी संपत्ति में 24,000 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। कंपनियों के निवेश में सबसे अधिक हिस्सेदारी क्रूड ऑयल, ऑटोमोबाइल, ईंधन और इंडस्ट्रियल गैसों की है। 

कैमिकल्स, टेलीकॉम, कंस्ट्रक्शन और माइनिंग जैसे उद्योग क्षेत्रों का निवेश भी उल्लेखनीय रहा है। वहीं लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, आयरन व स्टील व एंटरटेनमेंट और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे उद्योग क्षेत्रों में निवेश घटा है। 

वित्त वर्ष 2021-22 की अप्रैल से सितंबर छमाही में MSME उद्योगों का प्रदर्शन कमजोर रहा। यह क्षेत्र महामारी के दुष्प्रभाव से निकलने के लिए संघर्ष कर रहा है। माइक्रो श्रेणी के 364 उद्यमों में 111 करोड़ रुपए का निवेश घटा। निवेश में उल्लेखनीय गिरावट एविएशन, हॉस्पिटैलिटी, एजुकेशन और एंटरटेनमेंट सेक्टर में आई है। 

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