अनुचित व्यापार पर ओला-उबर को नोटिस, रुकेगी ग्राहकों के साथ मनमानी  

मुंबई- ग्राहकों की सुरक्षा करने वाले नियामक सीसीपीए ने शुक्रवार को ओला और उबर को अनुचित व्यापार एवं ग्राहकों के अधिकारों के उल्लंघन के मामले में नोटिस जारी किया है। इसने दोनों कंपनियों को 15 दिनों में जवाब देने को कहा है।  

सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (सीसीपीए) की मुख्य आयुक्त निधि खरे ने बताया कि पिछले एक साल में ज्यादातर ग्राहकों से सेवा से संबंधित और अनुचित कारोबार के बारे में शिकायतें मिलीं थीं। इसके साथ ही पूरे देश से तमाम शिकायतें भी मिल रही थीं। इसके बाद इन दोनों कैब कंपनियों के अधिकारियों को 10 मई को उपभोक्ता मंत्रालय ने तलब किया था। 

उपभोक्ता मंत्रालय ने मीटिंग के दौरान दोनों कंपनियों को सेवाओं और अन्य चीजों को नहीं सुधारने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (एनसीए) के आंकड़ों के मुताबिक, एक अप्रैल, 2021 से एक मई, 2022 के दौरान ओला के खिलाफ 2,482 शिकायतें जबकि उबर के खिलाफ 770 शिकायतें मिलीं थीं। ओला की 54 फीसदी शिकायतें सेवाओं को लेकर थीं जबकि उबर के खिलाफ यह 64 फीसदी थी। 

उपभोक्ता मंत्रालय ने पिछले दिनों मीटिंग में ओला, उबर के अलावा मेरू, रैपिडो और जुगनू के भी अधिकारियों को तलब किया था। शुक्रवार को सीसीपीए ने कहा कि ड्राइवरों द्वारा ऑन लाइन भुगतान से मना करने, नकदी किराये की मांग करने, एक ही जगह के लिए अलग-अलग भाड़ा वसूलने और ड्राइवरों के गैर पेशेवर व्यवहार जैसी शिकायतें भी मिली हैं।   

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