देश में स्टार्टअप की स्थिति खराब, इस साल 3,000 को नौकरी से निकाला  

मुंबई। देश में र्स्टाअप कंपनियों की हालत खराब है। इस साल में अब तक 8 स्टार्टअप ने 3 हजार से ज्यादा लोगों को नौकरियों से निकाल दिया है। ताजे मामले में कार्स 24 ने गुरुवार को 600 कर्मचारियों को निकाल दिया। पुरानी कारों के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म कार्स 24 ने प्रदर्शन खराब बताते हुए 600 लोगों को निकाल दिया है।  

भारत के अलावा यह मध्य पूर्व, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण पूर्व एशिया में है। भारत में इसके पास कुल 9,000 कर्मचारी हैं। कंपनी ने कहा कि यह कारोबार पूरी तरह से प्रदर्शन से जुड़ा है और हर साल ऐसा होता है। सालाना प्रदर्शन की समीक्षा अप्रैल से मई के बीच होती है। इसकी कुल 205 शाखाएं 182 शहरों में हैं।  

उधर वेदांतू ने 424 लोगों को निकाल दिया है। इससे पहले इसने 200 लोगों को निकाला था। इससे पहले वेदांतू ने कुल 600 से ज्यादा लोगों को कंपनी से निकाल दिया था। जबकि अनअकादमी ने एक हजार लोगों को, ट्रेल ने 330 और लिडो ने 200 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। इनके अलावा फ्लूरेनो ने 180, मीशो न्रे 150 औ ओकेक्रेड ने 35 लोगों को निकाल दिया था। 

बता दें कि देश में 100 यूनिकार्न में ऐसे 23 यूनिकार्न हैं जो फायदे में है। आंकड़ों के मुताबिक, प्राइवेट और वेंचर कैपिटल के निवेश में गिरावट आई है। स्टार्टअप को मिलने वाले निवेश में 27 पर्सेट की कमी आई है। देश के मूल्यवान स्टार्टअप में बायूज, पेटीएम, नायका, स्विगी, ड्रीम 11 और ओयो जैसी कंपनियां हैं। 

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