छोटे करदाताओं के लिए राहत, नहीं खुलेंगी 6 साल पुरानी फाइलें  

नई दिल्ली। छोटे करदाताओं के लिए राहत है। सीबीडीटी ने अधिकारियों से कहा है कि 50 लाख रुपये से कम टैक्स वाली 6 साल पुरानी फाइलें न खोली जाएं। इसके मुताबिक वित्तवर्ष 2012-13, 2013-14 और 2014-15 के दौरान अगर किसी करदाता का टैक्स 50 लाख से कम है तो उसे री-असेसमेंट नोटिस नहीं भेजा जाएगा।  

सीबीडीटी ने कहा कि 2015-16 और 2016-17 के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा जा सकता है। इसके लिए 30 दिनों के भीतर रीअसेसमेंट की प्रक्रिया शुरू कर इसकी जानकारी करदाता को दें। सीबीडीटी ने कर अधिकारियों से कहा है कि वे करदाताओं को री-असेसमेंट के लिए दो हफ्तों का समय दें। साथ ही उनके अनुरोध पर समय को बढ़ा भी सकते हैं।  

दरअसल, केंद्र सरकार ने 2021-22 के बजट में आईटी असेसमेंट को फिर से खोलने के समय को 6 साल से घटाकर 3 साल कर दिया था। हालांकि आयकर विभाग ने इसके बाद भी तीन साल से ऊपर के टैक्स से जुड़े सभी मामलों में री-असेसमेंट के लिए नोटिस भेज दिया था। 

इन नोटिसों को की हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। फिर आयकर विभाग ने सुप्रीमकोर्ट में इन नोटिस को जारी रखने के लिए अपील दायर की। सुप्रीमकोर्ट ने आयकर विभाग के पक्ष में फैसला सुनाया था, पर इसके बाद अब आयकर विभाग ने छोटे करदाताओं को राहत देने का निर्णय लिया है। 

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