जून की मीटिंग में महंगाई के अनुमान को बढ़ा सकता है रिजर्व बैंक  

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपनी जून में होनेवाली मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक में महंगाई के अनुमान को बढ़ा सकता है। इस आधार पर रेपो रेट में फिर से इजाफा होने की उम्मीद है।  

रिजर्व बैंक ने इसी महीने चार साल में पहली बार रेपो दर को बढ़ाया था, जो .40 फीसदी था। जबकि दो वर्षों में पहली बार दरों में बदलाव किया गया था। अप्रैल में केंद्रीय बैंक ने चालू वित्तवर्ष में महंगाई का अनुमान फरवरी के अनुमान की तुलना में 1.2 फीसदी बढ़ाकर 5.7 फीसदी कर दिया था। साथ ही 2022-23 में इसने आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 7.8 फीसदी से घटाकर 7.2 फीसदी कर दिया था। 

सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि जून की मीटिंग में निश्चित रूप से आरबीआई महंगाई के अनुमान को बढ़ाएगा, पर कितना बढ़ाएगा, इसके बारे में कोई अनुमान नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा फंड (आईएमएफ) का भारत की महंगाई के बारे में 6.1 फीसदी का अनुमान है। 

मार्च में खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़त से महंगाई की दर बढ़कर 17 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई थी जो 6.95 फीसदी थी। यह आरबीआई की सीमा 2-6 फीसदी से ज्यादा है। आरबीआई ने कोविड में राहत देने के लिए साल 2020 में 115 बीपीएस की कटौती दरों में की थी। अब इस राहत को वह वापस लेने की शुरुआत कर रहा है। 

यूक्रेन संकट शुरू होने से पहले आरबीआई ने उम्मीद लगाई थी कि खुदरा महंगाई दर मार्च में शीर्ष पर होगी, पर उसके बाद यह कम होने लगेगी। चालू वित्तवर्ष की दूसरी छमाही में यह 4 फीसदी पर चली जाएगी। आरबीआई अब किसी भी तरह से विकास को रोककर महंगाई को काबू में करने की योजना पर काम कर रहा है। 

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