कच्चे तेल की कीमतें 3 फीसदी बढीं, 105 डॉलर पर पहुंचीं  

नई दिल्ली। करीबन 10 फीसदी की गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर ऊपर जाने लगी हैं। बुधवार को यह 2.99 फीसदी बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। ऐसा इसलिए क्योंकि यूरोपीय यूनियन द्वारा रूसी तेल प्रतिबंध के लिए समर्थन करने और आपूर्ति संबंधी चिंताओं के बढ़ने से हुआ।  

यूरोपीय संघ ने रूसी तेल पर प्रतिंबध लगाने का प्रस्ताव दिया है। इससे आने वाले समय में तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। विश्लेषकों ने बताया कि बुधवार को सुबह से ही तेल की कीमतों में तेजी थी। एक ब्रोकरेज हाउस ने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था में राहत की उम्मीदों के कारण भी तेल की कीमतों में तेजी बनी रही। 

इस साल में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण तेल के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। 2008 के बाद ब्रेंट क्रूड सबसे ऊपरी भाव 139 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। चीन की विकास दर और अमेरिका में ब्याज दरों के बढ़ने की उम्मीदों ने तेल की कीमतें बढ़ाने में योगदान दिया। 

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