मोदी सरकार का नया रिकॉर्ड, रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर पर, पेट्रोल पहले से ही रिकॉर्ड पर  

मुंबई- डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। रुपया सोमवार को 60 पैसे कमजोर होकर 77.50 पर बंद हुआ। रुपया 27 पैसे कमजोर होकर 77.17 पर खुला था दिनभर के कारोबार में 77.52 का निचला स्तर बनाया।  

इससे पहले शुक्रवार को ये 76.90 पर बंद हुआ था। पिछले दो कारोबारी सत्रों में, रुपया डॉलर के मुकाबले 115 पैसे टूट चुका है। IIFL सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी) अनुज गुप्ता ने कहा, मजबूत अमरीकी डालर, कमजोर एशियाई करेंसीज, तेल की कीमतों समेत अन्य चीजों की महंगाई रुपए में कमजोरी के कारण हैं। आने वाले दिनों में रुपया कमजोर होकर 79 तक पहुंच सकता है। 

करेंसी के उतार-चढ़ाव के कई कारण होते हैं। डॉलर की तुलना में किसी भी अन्य करेंसी की वैल्यू घटे तो इसे उस करेंसी का गिरना, टूटना, कमजोर होना कहते हैं। हर देश के पास विदेशी मुद्रा का भंडार होता है, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय लेन-देन करता है। 

विदेशी मुद्रा भंडार के घटने और बढ़ने से उस देश की मुद्रा की चाल तय होती है। अगर भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर, अमेरिका के रुपयों के भंडार के बराबर है तो रुपए की कीमत स्थिर रहेगी। हमारे पास डॉलर घटे तो रुपया कमजोर होगा, बढ़े तो रुपया मजबूत होगा। 

हालांकि निर्यात करने वालों को फायदा होगा, क्योंकि पेमेंट डॉलर में मिलेगा, जिसे वह रुपए में बदलकर ज्यादा कमाई कर सकेंगे। इससे विदेश में माल बेचने वाली IT और फार्मा कंपनी को फायदा होगा। 

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