बाजार में उठापटक का दौर जारी रहेगा, वैल्यू थीम का करें चुनाव  

शेयर बाजार में इस साल की शुरुआत से ही उतार-चढ़ाव जारी है। अप्रैल से मई के एक महीने का बाजार का रुझान देखें तो 14 दिन गिरावट रही है और सात दिन इसमें बढ़त रही है।आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के मुख्य निवेश अधिकारी (सीआईओ) एस. नरेन कहते हैं कि म्यूचुअल फंड की वैल्यू थीम एक बेहतरीन थीम है। इसके रिटर्न काफी अच्छे होते हैं। हालांकि सितंबर, 2020 तक इस थीम में कोई दम नहीं था और यही हाल 1988-89 और 207-08 के दौरान भी था। पर जैसे-जैसे महामारी का प्रकोप कम हुआ, वैल्यू की थीम एक फोकस में आ गया।  

ऐसे समय में, जब ब्याज दरें बढ़नी शुरू हो गई हैं और दुनिया के 21 देशों ने ऐसा कदम उठाया है, और तेल की कीमतें उच्च स्तर के आस-पास स्थिर हो रही हैं, ऐसे में मेटल, एनर्जी और कोयले जैसे कई आवश्यक उद्योगों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दे रही है। 

नरेन कहते हैं कि यह कुछ ऐसे सेक्टर चल रहे हैं, जो अतीत में निवेशकों को आकर्षक नहीं लग रहे थे, और बाजार की तेजी का फायदा उठाने में नाकाम थे। इसलिए सस्ते मूल्यांकन पर ये उपलब्ध थे। जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था अपनी रिकवरी की राहत पर आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह उम्मीद की जा रही है कि वैल्यू फंड अपनी दमदार वापसी करेंगे। 

जब भी बाजार अच्छा प्रदर्शन करता है तो वैल्यू फंड और भी अच्छा करता है, क्योंकि वह उन सेक्टर्स पर ज्यादा फोकस करते हैं, जिन पर सभी का ध्यान नहीं होता है। लंबी अवधि में जिन लोगों को लक्ष्य हासिल करना होता है, उनके लिये एक एक बेहतरीन थीम हो सकता है। 

किसी भी सही वैल्यू फंड का आंकलन करना हो तो निवेशकों को चाहिए कि वह बाजार में आई हालिया उठापटक के दौरान उसके प्रदर्शन को देखे और पता करे कि इसने कैसा काम किया है। जानकारों का मानना है कि  कोरोना के समय में वैल्यू की थीम एक बेहतर थीम बनकर उभरी है। ऐसे माहौल में जब ब्याज दरें ऊपर जा रही हैं तो यह और भी बेहतर फंड बन सकता है। 

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के वैल्यू डिस्कवरी फंड ने एक साल में 27.98 फीसदी, 10 साल में 17.75 और 15 साल में 16.18 फीसदी चक्रवृद्धि दर से रिटर्न दिया है। इस फंड में अगर किसी ने 18 साल पहले 10 लाख रुपये लगाए होंगे तो वह रकम अब ढाई करोड़ रुपये हो गई होगी। जबकि इसी अवधि में इसके बेंचमार्क निफ्टी 500 वैल्यू टोटल इंडेक्स रिटर्न (टीआरआई) में यह रकम केवल 1.3 करोड़ रुपये हुई है। यह एक ऐसा फंड है जो सबसे बड़ा वैल्यू फंड है और लगातार उन शेयरों की पहचान करने में सफल रहा है, जिनकी कीमतें उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन से कम रही हैं।  

एमएफ किंग के एमडी डीडी शर्मा कहते हैं कि निकट समय में बाजार कैसा व्यवहार करेगा, यह अनुमान लगाना काफी मुश्किल है। अभी बाजार का उठापटक लंबे समय के लिए एक अच्छा निवेश का अवसर लेकर आया है। निवेशकों को ऐसे माहौल मे एसआईपी-एसटीपी का रास्ता अपनाना चाहिए। 

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