आयकर विभाग ने 90 हजार लोगों को नोटिस भेजा, जानिए क्या है मामला  

मुंबई- अगर आप भी एक करदाता हैं तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। अब तीन साल पुराने टैक्स के मामलों को दोबारा खोला जा सकेगा। इसे लेकर इनकम टैक्स विभाग को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने 31 मार्च 2021 के बाद असंशोधित धारा 148 के तहत भेज गए नोटिस को सही ठहराया है। 1 अप्रैल 2021 के बाद आयकर विभाग की तरफ से करीब 90 हजार रीअसेसमेंट नोटिस जारी किए गए थे। 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब यह साफ हो गया है कि आयकर विभाग को राहत मिली है, लेकिन जिसे नोटिस मिला है उसके लिए चिंता की बात है। यह नोटिस 1 अप्रैल 2021 से जून 2021 के बीच भेजे गए थे। इलाहाबाद, बॉम्बे, कैलकटा, दिल्ली और राजस्थान हाईकोर्ट में इस नोटिस को चुनौती भी दी गई थी, जिसे तमाम हाईकोर्ट ने गलत करार दिया था। वहीं अब जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो वहां पर आयकर विभाग के इन सभी नोटिस को सही करार दिया गया है। 

2021-22 के बजट में यह कहा गया था कि 3 या 3 साल से ज्यादा पुराने मामलों को नहीं खोला जा सकेगा। इसका सीधा सा मतलब है कि यह ऐलान ऐसे बहुत सारे करदाताओं के लिए फायदे वाली घोषणा थी, जिन्हें नोटिस मिला था। बता दें कि आयकर विभाग ने पुराने मामले खोलने के लिए 1 अप्रैल से 30 जून के बीच करीब 1 लाख लोगों को नोटिस भेजे थे। नोटिस के तहत मामलों को खोलकर जांच होनी थी, जिसके बाद कार्रवाई होती। 

आयकर अधिनियन की धारा 148 के तहत आयकर अधिकारी को पुराने टैक्स असेसमेंट फिर से खोलने की इजाजत दी गई है। अगर उन्हें लगता है कि किसी मामले में कुछ इनकम को छुपाया गया है, तो वह पुराने मामले खोलकर जांच कर सकता है। फाइनेंस एक्ट 2021 की तरफ से सेक्शन 148ए लाया गया, जिसने पुरानी धारा को किनारे करते हुए करदाताओं के हितों को बेहतर सुरक्षा देना शुरू किया।  

Leave a Reply

Your email address will not be published.